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शनिवार, 26 जनवरी 2019

न मिला !

सूखा पत्ता हूँ जिसको चमन न मिला,
वो मुहाजिर हूँ जिसको वतन न मिला !

सालहासाल मुझसे वो मिलता रहा,
मेरे मन से कभी उसका मन न मिला !

तू तो कहता था बिछड़े तो मर जायेंगे,
तुझसा कोई भी वादा-शिकन न मिला !

लूट कर के तू मेरा यक़ीं ले गया,
तेरे जैसा कोई राहज़न न मिला !

मय-कदे, मस्जिदें हमने सब छान लीं,
टूटा दिल जोड़ने का जतन न मिला !

रोने, बिलखने, बिखर जाने को,
तेरा दामन तेरा पैरहन न मिला !

कुछ तो हमसे कभी भी न मन से मिले,
और कुछ से हमारा ही मन न मिला !

इश्क़ है सिलसिला रूह से रूह का,
क्या हुआ कि अगर तन से तन न मिला !

जान जाने का 'अल्फ़ाज़' क्या फ़ायदा,
गर तिरंगे के जैसा कफ़न न मिला !

||| अल्फ़ाज़ |||

चमन= Flower Garden
मुहाजिर= Emigrant, Refugee, Evacuee, Migrant
वतन= Abode, Native Country, Home, Residence
सालहासाल= Years After Year
वादाशिकन= Promise Breaker
यक़ीं= Trust, Faith, Belief, Confidence
राहज़न= Robber, Highwayman
मय-कदा= Bar, Tavern
मस्जिदें= The Mosque
जतन= Effort
पैरहन= Dress, Apparel
सिलसिला= Chain, Series, Succession
रूह= Soul, Spirit
तन= Body
फ़ायदा= Profit, Gain
गर= If
कफ़न= Shroud, Winding Sheet For A Dead Body, Cloth To Cover The Corpse

शनिवार, 6 अक्टूबर 2018

इंतिहा

जो दुआ थी वही बद्-दुआ हो गई,
ये मेरी ज़िन्दगी क्या से क्या हो गई !

इस तरह से गए छोड़कर वो हमें,
रूह जैसे बदन से जुदा हो गई !

आशिक़ों की
 मिसालें था देता जहाँ,
आशिक़ी मैंने की तो ख़ता हो गई !

तेरी यादों में हमको ख़बर न हुई,
रात कब ढल गई, कब सुबह हो गई !

साथ अपने वो सब राहतें ले गया,
इन लबों से हँसी लापता हो गई !

हमने सोचा था, देखेंगे बस एक नज़र,
एक नज़र क्या मिलीसिलसिला हो गई !

अब तो उम्मीद भी थक के कहने लगी,
छोड़ 'अल्फ़ाज़' अब इंतिहा हो गई !

||| अल्फ़ाज़ |||

बद्-दुआ= Curse
रूह= Soul
बदन= Body
मिसाल= Example, Instance, Model
ख़ता= Mistake/ Fault
ख़बर= Information
राहत= Rest, Comfort, Ease
लब= Lips
लापता= Lost
सिलसिला= Chain, Series, Succession
उम्मीद= Hope
इंतिहा= Utmost Limit, End, Extremity

सोमवार, 27 अगस्त 2018

सावन

छू जाओ मेरे ज़ख्मों को मरहम की तरह,
बरस जाओ मुझपर घने सावन की तरह !

तेरे ख़याल में इतवार की सी फ़ुर्सत है,
तू पहली बारिश, तू घर के आंगन की तरह !

ये और बात है कि निगाह से दूर रहते हो,
दिल में सदा रहते हो धड़कन की तरह !

दुनिया से बे-फ़िक्र हो जाऊं मैं फ़िर से,
लौट आओ कभी मेरे बचपन की तरह !

रूह प्यासी है किसी सूखे हुए पत्ते की तरह,
कभी मुझपे ठहर जाओ शबनम की तरह !

छू जाओ मेरे ज़ख्मों को मरहम की तरह,
बरस जाओ मुझपर घने सावन की तरह !

||| फ़राज़ |||
















दोस्तों, इस बार आप लोगों की कोई भी एंट्री सेलेक्ट नहीं की जा रही है ! मुझे उम्मीद है की अगली बार आप लोग बेहतर एंट्रीज़ ले कर आयेंगे ! इस बार अल्फ़ाज़ की एक कोशिश पेश की जा रही है !

क्यूँ न खुद से ही मोहब्बत कर के देखें

गुरुवार, 7 जून 2018

उम्र-ए-दराज़ !!!

जिस्मों की तो आदत है, मिल करके बिछड़ जाना,
तुम मिलना तो ऐसे मिलना कि रूह में उतर जाना !

मुड़कर के हमने देखा, जब अपनी ज़िन्दगी को,
उम्र--दराज़ बस एक लम्हे का गुज़र जाना !

बेफ़िक्र किस क़दर था वो इश्क़ का ज़माना,
कर के तेरा तसव्वुर आठों पहर जाना !

मुझसे तेरी नज़र का पहले-पहल वो मिलना,
सदियों की गर्दिशों का लम्हें में ठहर जाना !

वो जाते-जाते तेरा मुड़कर के मुस्कुराना,
एक रूठती सी किस्मत का फ़िर से संवर जाना !

सब झूठ तो नहीं है, एक बात वो भी सच थी,
ज़िक्र--फ़िराक़ से तेरी आँखों का वो भर जाना !

देखा जो परिंदों को, तो याद आया हमको,
वो शामों का ढलना, वो लौट के घर जाना !

इस बार तो इतना भी तक़दीर में नहीं है,
हो ईद का बहाना और अपने शहर जाना !

||| फ़राज़ |||

जिस्म= Body, Material, Substance
रूह= Soul, Spirit, The Vital Principle
उम्र--दराज़= Long Life
लम्हा= Moment
बेफ़िक्र= Carefree
क़दर= Amount, Appreciation, 
ज़माना= Era
तसव्वुर= Imagination, Thought
पहर= Period Of Time, An 8th Hour Of A Day.
पहले-पहल= Initially, The First Time.
सदियों= Centuries, Centenaries
गर्दिशों= Revolution, Circulation, Misfortune
ज़िक्र--फ़िराक़= Mention/Talk of parting
परिंदों= Birds
तक़दीर= Fate, Destiny.






रविवार, 6 मई 2018

!!! अल्फ़ाज़ !!!

तो क्या हुआ जो ये जहाँ नाराज़ हो गया,
मैं ख़ुद से राज़ी हुआ तो 'अल्फ़ाज़' हो गया !

एक राज़ कहते-कहते मैं रुक जाता था अक्सर,
लेकिन ग़ज़ल में ज़ाहिर हर राज़ हो गया !

तू बन गया था मेरे अंजाम का सबब,
जब तू गया तो मेरा आग़ाज़ हो गया !

पंखों की बंदिशें और पैरों की बेड़ियाँ,
सब तोड़ मेरा हौसला परवाज़ हो गया !

बदल हम दोनों गए बस फ़र्क़ है इतना,
तू ख़ुदगर्ज़ हो गया, मैं बेनियाज़ हो गया !

मेरी वजह से तुझसे दुनिया को हैं गिले,
ग़म-ए-हयात मेरा कारसाज़ हो गया !

एक पल में छोड़ जाती है रूह जिस्म को,
 बुलबुले, क्यूँ ख़ुद पे तुझे नाज़ हो गया !

इज़्ज़त, दुआ, सुकून, और मेयार, सब मिला,
क़िस्मत से मुझे हासिल नाम-ए-फ़राज़ हो गया !

||| फ़राज़ |||


नाराज़= Displeased, Offended
राज़ी= Satisfied, Agreed, Pleased
राज़= Secret
ज़ाहिर= Open, Evident
अंजाम= Fate, End, Result
सबब= Cause, Reason, Ground
आग़ाज़= Beginning, Commencement.
बंदिशें= Restrictions
बेड़ियाँ= Chains, Shackles.
हौसला= Courage, Morale, 
परवाज़= Flight
फ़र्क़= Difference.
ख़ुदगर्ज़= Selfish, Self-Interested.
बेनियाज़= Carefree, Without Want, Independent.
गिले= Complaints, Lamentations.
ग़म-ए-हयात= Sorrows Of Life
कारसाज़= Benefactor, Guardian, Doer.
रूह= Soul, Spirit
जिस्म= Bode, Substance.
बुलबुले= Bubble
नाज़= Pride
मेयार= Standard
हासिल= Gain
नाम-ए-फ़राज़= Name Of Faraaz (In Respect Of The Great Urdu Poet Ahmed Faraz Sir)

रविवार, 4 मार्च 2018

!!! नाम-ए-फ़राज़ !!!

बहुत एहतियात से ख़यालों को चुनता हूँ मैं,
नाम-ए-फ़राज़ के भी कुछ आदाब हुआ करते हैं !

ख़ुदा की क़ुदरत को कभी ग़ौर से देखिये,
ज़र्रे-ज़र्रे में छुपे आफ़ताब हुआ करते हैं !

ऐलान किया करती है हर एक मंज़िल,
कोशिश करने वाले ही कामयाब हुआ करते हैं !

ख़ुदा ही जाने कि रूह से क्या तक़ाज़े होंगे, 
हमसे तो ज़िन्दगी के भी हिसाब हुआ करते हैं !

ज़िन्दगी सो कर गुज़ार दें, जो तेरा ख़्वाब मिले, 
ख़्वाबों ही में मुकम्मल कुछ ख़्वाब हुआ करते हैं !

ये दो जहाँ की फ़िक्रें हों आपको मुबारक,
हम तो फ़ाक़ा-मस्ती में ही सैराब हुआ करते हैं !

कांटो से नफ़रत करने वाले ये क्यूँ भूल जाते हैं,
कि काँटों की हिफ़ाज़त में ही गुलाब हुआ करते हैं !

कभी 'फ़राज़' की ग़ज़ल को पढ़कर देखो,
शोरफ़ा किस तरह बेनक़ाब हुआ करते हैं !

||| फ़राज़ |||

एहतियात= Care, Caution, Precaution
ख़याल= Thought
नाम-ए-फ़राज़= Name Of Faraz (Referring to the legendry Urdu Poet To Ahmad Faraz)
आदाब= Etiquettes, Manners
ख़ुदा= God.
क़ुदरत= The Universe, Creation
ग़ौर= Deep Thought, Reflection, Deliberation
ज़र्रे-ज़र्रे= Atom, Particles.
आफ़ताब= The Sun
ऐलान= Announcement, Proclamation
मंज़िल= Destination
कोशिश= Effort, Attempt, Endeavour, Try
कामयाब= Successful
रूह= Soul, Spirit, The Vital Principle
तक़ाज़े= Demands, Pressing Settlements, Urges.
हिसाब= Computation, Calculation, Account
गुज़ार= To Pass
ख़्वाब= Dream
मुकम्मल= Complete
जहाँ= World, Universe
फ़िक्रें= Worries, Thoughts
मुबारक= Auspicious, Congratulation
फ़ाक़ा-मस्ती= Cheerfulness In Adversity
सैराब= Fulfilled
नफ़रत= Hate
हिफ़ाज़त= Guarding, Preserving, Custody, Protection
शोरफ़ा= Nobles, Gentlemen
बेनक़ाब= Unveiled, Unmask