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रविवार, 8 जुलाई 2018

झूठ-सच

कोई पुकारता है मुझे फ़िर उसी नाम से,
जाने ये तुम हो, या मेरी तन्हाई है !

तारीकियों में साथ छोड़ जाती है,
एक बेवफ़ा तुम, और एक मेरी परछाईं है !

ये रंग-ए-मलाल है जो तेरे चेहरे पर,
ये मेरा वहम है या मेरी बीनाई है ?

जिस मलाल-ए-इश्क़ में सौदाई बने फिरते हैं,
वो इश्क़ का रुतबा है या इश्क़ की रुस्वाई है !

सोचता हूँ कि अब ख़ुद ही से मोहब्बत कर लूँ,
जाने ये मेरा हौसला है या तुझसे बेवफ़ाई है !

महज़ नज़दीकियों का कैफ़ है ये रस्म-ए-उल्फ़त,
बात तो ये ज़रा कड़वी है, लेकिन यही सच्चाई है !

झूठा ही सही, इश्क़ तो उसको भी मुझसे था,
बस यही एक झूठ अब 'फ़राज़' की सच्चाई है !

||| फ़राज़ |||

तन्हाई= Loneliness, Solitude.
तारीकी= Darkness, Obscure
बेवफ़ा= Faithless, Treacherous.
परछाईं= Shadow
रंग-ए-मलाल= Color of regret
वहम= Suspicion, Imagination, Fancy
बीनाई= Vision
मलाल-ए-इश्क़= Regret/Sorrow of Love.
सौदाई= Insane, Mad, Melancholic.
रुतबा= Status, Honor.
रुस्वाई= Disgrace, Infamy, Dishonor
हौसला= Courage, Spirit, Capacity.
महज़= Only, Merely
नज़दीकी= Nearness
कैफ़= Pleasure, Happiness, Joy
रस्म-ए-उल्फ़त= Tradition of love.

रविवार, 6 मई 2018

!!! अल्फ़ाज़ !!!

तो क्या हुआ जो ये जहाँ नाराज़ हो गया,
मैं ख़ुद से राज़ी हुआ तो 'अल्फ़ाज़' हो गया !

एक राज़ कहते-कहते मैं रुक जाता था अक्सर,
लेकिन ग़ज़ल में ज़ाहिर हर राज़ हो गया !

तू बन गया था मेरे अंजाम का सबब,
जब तू गया तो मेरा आग़ाज़ हो गया !

पंखों की बंदिशें और पैरों की बेड़ियाँ,
सब तोड़ मेरा हौसला परवाज़ हो गया !

बदल हम दोनों गए बस फ़र्क़ है इतना,
तू ख़ुदगर्ज़ हो गया, मैं बेनियाज़ हो गया !

मेरी वजह से तुझसे दुनिया को हैं गिले,
ग़म-ए-हयात मेरा कारसाज़ हो गया !

एक पल में छोड़ जाती है रूह जिस्म को,
 बुलबुले, क्यूँ ख़ुद पे तुझे नाज़ हो गया !

इज़्ज़त, दुआ, सुकून, और मेयार, सब मिला,
क़िस्मत से मुझे हासिल नाम-ए-फ़राज़ हो गया !

||| फ़राज़ |||


नाराज़= Displeased, Offended
राज़ी= Satisfied, Agreed, Pleased
राज़= Secret
ज़ाहिर= Open, Evident
अंजाम= Fate, End, Result
सबब= Cause, Reason, Ground
आग़ाज़= Beginning, Commencement.
बंदिशें= Restrictions
बेड़ियाँ= Chains, Shackles.
हौसला= Courage, Morale, 
परवाज़= Flight
फ़र्क़= Difference.
ख़ुदगर्ज़= Selfish, Self-Interested.
बेनियाज़= Carefree, Without Want, Independent.
गिले= Complaints, Lamentations.
ग़म-ए-हयात= Sorrows Of Life
कारसाज़= Benefactor, Guardian, Doer.
रूह= Soul, Spirit
जिस्म= Bode, Substance.
बुलबुले= Bubble
नाज़= Pride
मेयार= Standard
हासिल= Gain
नाम-ए-फ़राज़= Name Of Faraaz (In Respect Of The Great Urdu Poet Ahmed Faraz Sir)

रविवार, 19 नवंबर 2017

अगरचे!!!

सरगुज़िश्त अपनी पढ़नी थी,
रु-ब-रु ख़ुद के मैंने आईना रखा !
हर पल में है मैंने जीना सीखा,
हौसला मैंने इस तरह रखा !

पड़ोस भी घर सा लगता है,
दरीचा उधर का भी खुला रखा !
ग़रज़ सवाब की रही हो या न हो,
दरवाज़े पर अपने उजाला रखा !

कलमे की शहादत भी मैं देता हूँ,
मयकदों से भी मैंने सिलसिला रखा !
राब्ता मस्जिद से यूँ तो कम है अपना,
अगरचे दिल में हमेशा ख़ुदा रखा !

किसीकी फ़िक्र करने लगा हूँ मैं,
ये राज़ उस ही से है मैंने छुपा रखा !
अजब कारोबार है इश्क़ का 'फ़राज़',
जिसमें हार जाने में ही नफ़ा रखा !

|||फ़राज़|||

सरगुज़िश्त= biography
रु-ब-रु= In front of, Face to face.
हौसला= Courage
दरीचा= Window.
ग़रज़= Intention, Purpose.
सवाब= Reward of good deeds.
कलमा= The Muslim confession of faith.
शहादत= Testimony, Witness.
मयकदा= Bar, Tavern.
राब्ता= Contact
अगरचे= Although.
फ़िक्र= Concern
अजब= Amazing, Wonderful.
कारोबार= Business, Trade, Affair.
नफ़ा= Profit.

मंगलवार, 22 नवंबर 2016

इल्तिजा!!!

ऐ ख़ुदाहुनर तू मुझे इतना दे दे,
मेरे अहसास को लफ़्ज़ों में तर्जुमा दे दे !

ताउम्र भटकता रहा हूँ मुहाजिर जैसा,
ज़िन्दगी की सख़्तियों को सायबान दे दे !

नस्ल-ए-आदम का हर राज़ जानने वाले,
मुझको भी अपनी हस्ती के निशां दे दे !

वसाविस की गिरफ़्त में है हस्ती मेरी,
मेरे दिल को कोई नेक मशवरा दे दे !

ले इम्तिहान तू बेशक़पर इल्तिजा भी सुन,
सब्र करने का तू मुझे हौसला दे दे !

ये कैसी आज़माइश, कि रूह भी क़ैद है,
मेरी परवाज़ को तू मेरा आसमान दे दे !

रूह झुलसी है सफ़र-ए-आतिशां करते,
मेरी आवारगी को तू आशियाँ दे दे !

बहुत रुसवा हैं तेरा सजदा करने वाले,
ख़ुदारा इस क़ौम को भी तू कर्बला दे दे !

गुनाह भी करता है और तेरा सजदा भी,
मौला 'फ़राज़' को इबादत का सलीक़ा दे दे !

|||फ़राज़|||

तर्जुमा= Translation.
ताउम्र= Lifelong. All life.
मुहाजिर= Refugee, Emigrant.
सख़्तियां= Hardships, Rigidities.
नस्ल-ए-आदम= Ancestry of Adam.
निशां= Mark, Sign.
वसाविस= Evil thoughts, Bad thoughts.
गिरफ़्त= Lock, Objection
मशवरा= Consultation, Suggestion.
इल्तिजा= Request, Plead.
आज़माइश= Examination, Trail, Test.
परवाज़= Flight.
सफ़र-ए-आतिशां= Journey of fire.
आवारगी= Wandering, Waywardness.
आशियाँ= Nest, Shelter
ख़ुदारा= O God.
क़ौम= Tribe, Race, People.
कर्बला= A place in Iraq where Imam Hussain was assassinated and buried in a holy war.
रुसवा= Dishonored, Despondent.
सजदा= Bowing in Prayer so as to touch the ground with the forehead.
मौला= God.
सलीक़ा= Good manner, Discreet of good disposition.