इतना
टूटा नहीं हूँ कि बिखर जाऊँगा,
ज़रा वक़्त दे मुझे, मैं निखर जाऊँगा !
माना कि बहुत दूर मैं निकल आया हूँ,
यक़ीन है एक दिन लौट के घर जाऊँगा !
ये तो डर कि एक दिन था बिछड़ना होगा,
क्या ख़बर थी कि तेरे दिल से
उतर जाऊँगा !
मयकदे में तो लोग ख़ुद को भूल जाते हैं,
तुझे भुला न सका तो किधर जाऊँगा !
जब बुलाओगे तो दौड़ा चला आऊँगा,
मैं कोई वक़्त नहीं हूँ जो गुज़र जाऊँगा !
सुना है की वहां रहमतें बरसती हैं,
जाने कब मैं मुस्तफ़ा के शहर जाऊँगा !
एक उम्र से 'फ़राज़' तूफ़ाँ में पला है,
हवाएँ जब ख़िलाफ़ होंगी, संवर जाऊँगा !
||| फ़राज़ |||
ख़बर= Knowledge, Information
मयकदे= Bar,
Tavern
रहमतें= Divine
Mercy, Blessing
मुस्तफ़ा= One Of The
Names Of The Prophet Muhammad (S.A.W)
तूफ़ाँ= A Storm Of Wind And Rain, Tempest, Deluge, Flood
ख़िलाफ़= Against