दिल बता तूने फ़िर ये कैसी जुरअत की है,
तसव्वुर-ए-यार से ये कैसी मोहब्बत की है !
दिल तेरा बचपना भी जाने कब जाएगा,
तूने फ़िर चाँद को छूने की हसरत की है !
तरफ़दारी दिल-ए-नादां की हर बार मैं करता हूँ,
ज़हन ने तो हर बार दिल की मुख़ालिफ़त की है !
न मय, न मयकदा, न साक़ी, नशा फ़िर भी है,
अजब सी मयकशी मैंने बाद मुद्दत की है !
एक तस्कीन सी वाबस्ता है उन निगाहों में,
वो निगाह प्यार की है, वो निगाह रहमत की है !
तेरे अहसास में मुझे मस्जिद सा सुकून मिलता है,
तुझको जाना है तो मैंने ख़ुदा की भी इबादत की है !
मेरी भटकती रातों में सितारा तू सुबह का है,
एक सफ़र नेक सा तू, एक राह तू जन्नत की है !
तू दोपहर में साया, तू शाम की है लाली,
ताज़गी तू सुबह की, तू रात फ़ुर्सत की है !
अब तरन्नुम सा मुझे हर ख़याल लगता है,
मेरे ख़यालों ने तेरे ख़याल से उल्फ़त की है !
इसे ग़ज़ल न समझ ओ मुझे पढ़ने वाले,
हाल-ए-दिल सुनाने को तुझसे किताबत की है !
|||फ़राज़|||
जुरअत= Courage, Bravery,
तसव्वुर-ए-यार= Imagination of Beloved.
तरफ़दारी= Leaning
दिल-ए-नादां= Innocent Heart, Improvident.
ज़हन = Mind
मुख़ालिफ़त= Opposition, Disagreement
मय= Wine, Liquor.
मयकदा= Bar, Tavern
साक़ी= One who serves wine,
मयकशी= Boozing, To drink
मुद्दत= Period, Time, Duration.
तस्कीन= Comfort.
वाबस्ता= Related, Connected. Bound together.
रहमत = Divine blessing, Divine mercy, Kindness
इबादत = Prayer, Adoration.
सफ़र= Journey.
नेक= Good, Virtuous.
जन्नत= Paradise, Heaven.
ताज़गी= Freshness. Newness.
फ़ुर्सत= Leisure
हाल-ए-दिल= Condition of heart.
किताबत= Writing, Calligraphy.
तरन्नुम= Modulation, A kind of song.
ख़याल= Thought, Imagination.
उल्फ़त= Love, Affection,
तसव्वुर-ए-यार से ये कैसी मोहब्बत की है !
दिल तेरा बचपना भी जाने कब जाएगा,
तूने फ़िर चाँद को छूने की हसरत की है !
तरफ़दारी दिल-ए-नादां की हर बार मैं करता हूँ,
ज़हन ने तो हर बार दिल की मुख़ालिफ़त की है !
न मय, न मयकदा, न साक़ी, नशा फ़िर भी है,
अजब सी मयकशी मैंने बाद मुद्दत की है !
एक तस्कीन सी वाबस्ता है उन निगाहों में,
वो निगाह प्यार की है, वो निगाह रहमत की है !
तेरे अहसास में मुझे मस्जिद सा सुकून मिलता है,
तुझको जाना है तो मैंने ख़ुदा की भी इबादत की है !
मेरी भटकती रातों में सितारा तू सुबह का है,
एक सफ़र नेक सा तू, एक राह तू जन्नत की है !
तू दोपहर में साया, तू शाम की है लाली,
ताज़गी तू सुबह की, तू रात फ़ुर्सत की है !
अब तरन्नुम सा मुझे हर ख़याल लगता है,
मेरे ख़यालों ने तेरे ख़याल से उल्फ़त की है !
इसे ग़ज़ल न समझ ओ मुझे पढ़ने वाले,
हाल-ए-दिल सुनाने को तुझसे किताबत की है !
|||फ़राज़|||
जुरअत= Courage, Bravery,
तसव्वुर-ए-यार= Imagination of Beloved.
तरफ़दारी= Leaning
दिल-ए-नादां= Innocent Heart, Improvident.
ज़हन = Mind
मुख़ालिफ़त= Opposition, Disagreement
मय= Wine, Liquor.
मयकदा= Bar, Tavern
साक़ी= One who serves wine,
मयकशी= Boozing, To drink
मुद्दत= Period, Time, Duration.
तस्कीन= Comfort.
वाबस्ता= Related, Connected. Bound together.
रहमत = Divine blessing, Divine mercy, Kindness
इबादत = Prayer, Adoration.
सफ़र= Journey.
नेक= Good, Virtuous.
जन्नत= Paradise, Heaven.
ताज़गी= Freshness. Newness.
फ़ुर्सत= Leisure
हाल-ए-दिल= Condition of heart.
किताबत= Writing, Calligraphy.
तरन्नुम= Modulation, A kind of song.
ख़याल= Thought, Imagination.
उल्फ़त= Love, Affection,