मेरी बर्बादियों के खेल ही खेला मेरा मन है,
कभी उधड़ा, कभी चिथड़ा, कभी मैला मेरा मन है !
मेरे मन की दीवारों की दरारें साफ़ दिखती हैं,
कभी ज़ाहिर, कभी बातिन, कभी धुंधला मेरा मन है !
कभी खंडर सा वीराँ है, कभी जंगल बयाबाँ है,
कभी जन्नत, कभी मरघट, कभी मेला मेरा मन है !
मुझे सुलझाने की ज़िद में, उलझ तू जाएगा ख़ुद ही,
कभी ज़िद्दी, कभी जंगली, कभी अक़्ला मेरा मन है !
बदलती सूरतें देखीं, बदलती सीरतें देखीं,
यक़ीन करता हूँ अब
भी मैं,
कहाँ
बदला मेरा मन है !
तेरी बचकानी बातों पर मेरा दिल आ ही जाता है,
कभी नादाँ, कभी फ़ाज़िल, कभी कमला मेरा मन है !
नसीहत सबको देता है, अमल ख़ुद ही नहीं करता,
कभी जाहिल, कभी आलिम, कभी पगला
मेरा मन है !
मुझे अल्फ़ाज़ होने की सज़ाएँ भी मिलेंगी न,
कभी मुंकिर, कभी काफ़िर, कभी क़िबला मेरा मन है !
||| फ़राज़ |||
बर्बादी= Destruction, Loss.
उधड़ा= Flayed, Peeled.
चिथड़ा=
Rag.
मैला= Dirty
दरारें=
Cracks
ज़ाहिर=
Open, Evident.
बातिन=
Internal.
धुंधला = Blur, Hazy
खंडर= Ruin
वीराँ=
Deserted, Desolated
बयाबान=
Wilderness
मरघट= Crematory
जन्नत=
Paradise, Heaven
मेला= Fair, Festival
ज़िद्दी=
Stubborn, Adamant.
जंगली=
Bestial, Savage.
अक़्ला=
Wise, Intelligent.
सूरतें=
Faces.
सीरतें=
Character, Nature,
Qualities.
यक़ीन= Trust, Confidence.
बचकानी=
Childish
नादाँ=
Innocent, Foolish
फ़ाज़िल=
Scholar, Proficient.
कमला= Crazy/Mad in love.
नसीहत=
Advice
अमल= Act.
जाहिल=
Illiterate, Uncivilized.
आलिम= Learned, Scholar,
Intelligent
तौबा= Penitence, Repentance
रिन्दाना=
Drunk
मुंकिर=
Rejecting, Atheist
काफ़िर=
Infidel
क़िबला= The direction of the Kaaba (the sacred building at
Mecca), to which Muslims turn at prayer.
Lajawaab🌹👌🫡
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