सोमवार, 12 फ़रवरी 2018

!!! मेरा मन !!!

मेरी बर्बादियों के खेल ही खेला मेरा मन है,
कभी उधड़ा, कभी चिथड़ा, कभी मैला मेरा मन है !

मेरे मन की दीवारों की दरारें साफ़ दिखती हैं,
कभी ज़ाहिर, कभी बातिन, कभी धुंधला मेरा मन है !

कभी खंडर सा वीराँ है, कभी जंगल बयाबाँ है,
कभी जन्नतकभी मरघटकभी मेला मेरा मन है !

मुझे सुलझाने की ज़िद में, उलझ तू जाएगा ख़ुद ही,
कभी ज़िद्दी, कभी जंगली, कभी अक़्ला मेरा मन है !

बदलती सूरतें देखीं, बदलती सीरतें देखीं,
यक़ीन करता हूँ अब भी मैं, कहाँ बदला मेरा मन है !

तेरी बचकानी बातों पर मेरा दिल आ ही जाता है,
कभी नादाँ, कभी फ़ाज़िल, कभी कमला मेरा मन है !

नसीहत सबको देता हैअमल ख़ुद ही नहीं करता,
कभी जाहिल, कभी आलिम, कभी पगला मेरा मन है !

मुझे अल्फ़ाज़ होने की सज़ाएँ भी मिलेंगी न,
कभी मुंकिर, कभी काफ़िर, कभी क़िबला मेरा मन है !

||| फ़राज़ |||

बर्बादी= Destruction, Loss.
उधड़ा= Flayed, Peeled.
चिथड़ा= Rag.
मैला= Dirty
दरारें= Cracks
ज़ाहिर= Open, Evident.
बातिन= Internal.
धुंधला = Blur, Hazy
खंडर= Ruin
वीराँ= Deserted, Desolated
बयाबान= Wilderness
मरघट= Crematory 
जन्नत= Paradise, Heaven
मेला= Fair, Festival
ज़िद्दी= Stubborn, Adamant.
जंगली= Bestial, Savage.
अक़्ला= Wise, Intelligent.
सूरतें= Faces.
सीरतें= Character, Nature, Qualities.
यक़ीन= Trust, Confidence.
बचकानी= Childish
नादाँ= Innocent, Foolish
फ़ाज़िल= Scholar, Proficient.
कमला= Crazy/Mad in love.
नसीहत= Advice
अमल= Act.
जाहिल= Illiterate, Uncivilized.
आलिम= Learned, Scholar, Intelligent
तौबा= Penitence, Repentance
रिन्दाना= Drunk
मुंकिर= Rejecting, Atheist
काफ़िर= Infidel
क़िबला=  The direction of the Kaaba (the sacred building at Mecca), to which Muslims turn at prayer.


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