शुक्रवार, 9 फ़रवरी 2018

!!! तू बता !!!

मौका बराबरी का लाती है हर मुसीबत,
मुझको न मुश्किलों के आकार तू बता !

मिट्टी से ही बना हूँ, मिट्टी में जा मिलूँगा,

अपनी भी शख़्सियत के अज़्कार तू बता !

सुनते हैं कहकहे थे तेरी अमीरियों में,

है कौन मुफ़्लिसी में ग़मख़्वार तू बता !

हर शाम महफ़िलें थीं तेरी हवेलियों में,

सूने पड़े हैं क्यूँ दर-ओ-दीवार तू बता !

मौजूदगी से तेरी रौशन थी जिनकी महफ़िल,

क्यूँ हो गए वो इतने अग़्यार तू बता !

कर लूँगा तुझको शामिल, मैं अपनी दास्तां में,
मुझको तेरा मुकम्मल किरदार तो बता !

तेरे पड़ोस में कल, भूखा था कोई सोया,

क्या जाना तूने पढ़के अख़बार तू बता !

दरिया जो इश्क़ का है, डूबे ही तो मज़ा है,

जा कर के क्या मिलेगा उस पार तू बता !

तरकीब है लगता तू रोज़ ज़िन्दगी की,

'फ़राज़' मौत को है कितना तैयार तू बता !

||| फ़राज़ |||



मौका (mauka) = Chance, Oppertunity
मुसीबत (musibat) = Problem, Trouble, Adversity.
आकार (aakar) = Size, Form.

शख़्सियत (shakhsiyat) = Personality, Individuality.

अज़्कार (azkar) = Talk About.
कहकहे (Kahkahe) = Guffaws, A Loud Laughter
अमीरी (Ameeri) = Richness, Wealth
मुफ़्लिसी (Muflisi) = Poverty
ग़मख़्वार (ghamkhwar) = Consoler, Sampethizer, Friend.
महफ़िल (Mahfil) = Gathering, Party
हवेली (Haveli) = Mansion.
दर-ओ-दीवार (Dar-O-Diwar) = Doors And Walls, Every Nook And Corner,
मौजूदगी (maujoodgi)= Presence
रौशन (roshan) = Illuminated, Bright.

अग़्यार (agyaar) = Strangers, Opponents

शामिल (shamil) = Comprise, Include
दास्तां (dastan) = Story, Tale.
मुकम्मल (mukammal) = Complete, Perfect.
किरदार (kirdar) = Character, Conduct
दरिया (dariya)= River
इश्क़= Love
तरकीब= Trick, Method.
रोज़= Everyday

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