इज़्हार-ए-इश्क़ की ख़ातिर, कई अल्फ़ाज़ सोचे थे ,
ख़ुद ही को भूल बैठे हम, कि जब तुम सामने आये !!!||| फ़राज़ |||
अल्फ़ाज़= Words.
इज़्हार-ए-इश्क़= To express love.ख़ातिर= For the sake of.
जिंदगी दो तरह के सवालों में है एक जीते हैं हम, एक ख़यालों में है! चलिए रूबरू कराते हैं अल्फ़ाज़ की अल्फ़ाज़ियत से l मैं वादा करता हूँ कि मेरी हर ग़ज़ल में आप मुझसे, और ख़ुद से भी मिलेंगे l
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