गुरुवार, 1 फ़रवरी 2018

तलाश !!!

जाने क्या तलाश है जो ख़त्म नहीं होती,
यूँ तो रोज़ मिलता हूँ ज़िन्दगी से मैं !!!


||| फ़राज़ |||

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