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बुधवार, 10 जुलाई 2019

वादा

आग से आग को जब जलाया गया,
इश्क़ कह करके उसको बुलाया गया !

जबसे शोला हवा का दिवाना हुआ,
और भड़का वो जितना बुझाया गया !

याद रखना हमें हम बिछड़ जो गए,
इक ये वादा हमेशा निभाया गया !

मेरी क़दमों की आहट नहीं याद तो,
चौंक कर के क्यूँ सर को उठाया गया !

याद आई मुलाकात एक शाम की,
फूल जुड़े में जब भी लगाया गया !

कुछ को इबरत मिलीकुछ को राहत मिली,
शेर 'अल्फ़ाज़का जब सुनाया गया !

||| अल्फ़ाज़ |||

शोला = Blaze, Flame,
जूड़ा = Hair Bun
इबरत = Lesson, Warning, Example, सीख
राहत = Rest, Comfort, Ease, आराम, चैन
शेर = Couplet

गुरुवार, 9 अगस्त 2018

इतना टूटा नहीं हूँ कि बिखर जाऊँगा,
ज़रा वक़्त दे मुझेमैं निखर जाऊँगा !

माना कि बहुत दूर मैं निकल आया हूँ,
यक़ीन है एक दिन लौट के घर जाऊँगा !

ये तो डर कि एक दिन था बिछड़ना होगा,
क्या ख़बर थी कि तेरे दिल से उतर जाऊँगा !

मयकदे में तो लोग ख़ुद को भूल जाते हैं,
तुझे भुला न सका तो किधर जाऊँगा !

जब बुलाओगे तो दौड़ा चला आऊँगा,
मैं कोई वक़्त नहीं हूँ जो गुज़र जाऊँगा !

सुना है की वहां रहमतें बरसती हैं,
जाने कब मैं मुस्तफ़ा के शहर जाऊँगा !

एक उम्र से 'फ़राज़तूफ़ाँ में पला है,
हवाएँ जब ख़िलाफ़ होंगीसंवर जाऊँगा !

||| फ़राज़ |||

ख़बर= Knowledge, Information
मयकदे= Bar, Tavern
रहमतें= Divine Mercy, Blessing
मुस्तफ़ा= One Of The Names Of The Prophet Muhammad (S.A.W)
तूफ़ाँ= A Storm Of Wind And Rain, Tempest, Deluge, Flood
ख़िलाफ़= Against

बुधवार, 30 मई 2018

बारिश !!!

ख़्वाहिशों ने बादलों से,
चुपके से साज़िश की थी !
एक शाम तुम भी साथ थी,
और बारिश भी थी !

सर्द हवाओं ने,
एहसासों को हवा दी थी !
बारिश की बूंदों में,
जज़्बातों की आंच सी थी !

जब क़ुर्ब हासिल हो जाये,
ख़ामोश दो निगाहों से !
मिलते हैं ऐसे मौसम,
'फ़राज़' बड़ी दुआओं से !

||| फ़राज़ |||

ख़्वाहिश= Wish, Desire
साज़िश= Conspiracy
सर्द= Cold
एहसास= Feeling, Perception
जज़्बात= Emotions, Feelings
आंच= Flame, Warmth,
क़ुर्ब= Vicinity, Nearness,
हासिल= Gain
ख़ामोश= Silent



मंगलवार, 9 जनवरी 2018

दिलनवाज़ी

लगता है हवायें उसको छू के गुज़री हैं,
मौसम-ए-बहार आने की ख़बर आती है !

इतना हैराँ न हो उसके 'हाँ' कह देने पर,
किस्मत भी कभी ख़बर कहकर आती है?

भला हम रब्त क्यूँ रखें उन सितारों से,
अब मेरी रातों में वो कामिल क़मर आती है !

वो रु-ब-रु हो या ख़याल बन कर आये,
कि बस देखते रहिये वो जब नज़र आती है !

कोई दौर-ए-मख़सूस नहीं दिलनवाज़ी के लिए,
अमां इश्क करने की भी क्या कोई उम्र आती है?

वो हार जाती है मुझसे मेरी ख़ुशी के लिए,
मैं हार जाता हूँ जब वो ज़िद पे उतर आती है !

हाल-ए-दिल वो मुझसे छुपाये भी तो कैसे,
कशमकश तो उसके चेहरे पे नज़र आती है !

ख़ुदा ही ख़ैर करे अब मेरे दिल की 'फ़राज़' ,
सुना है कि आज वो पहलू बदल कर आती है !

|||फ़राज़|||

मौसम-ए-बहार= Spring season.
हैराँ= Amazed, Confounded, Astonished.
रब्त= Intimacy.
क़मर= The moon
नुमूदार= Present, Apparent, Visible, Evident.
ख़याल= Thought, Imagination.
दौर-ए-मख़सूस= Specified/Special/Reserved time.
दिलनवाज़ी= Heart pleasing.
हाल-ए-दिल= Condition of heart.
कैफ़ियत= Situation, Circumstances.
कशमकश=  struggle, tussle, wrangle..
ख़ैर= Good, Safe, Well.

मंगलवार, 26 दिसंबर 2017

जिस्म का साया !!!

जिसकी हसरत का चराग़ मैंने जलाया था,
उसने ही मेरा पता हवाओं को बताया था !

तूने जो देखा वो तो बस तेरा ही चेहरा था,
मैंने तो सिर्फ़ आईना तुझको दिखाया था !

प्यार के साथ हर झगड़ा भी ख़त्म हो गया,
और उसको लगा कि उसने मुझे हराया था !

मेरे नाम की सरग़ोशियाँ बाक़ी हैं तेरी महफ़िल में,
बदनामियाँ ही सही, इश्क़ में कुछ तो कमाया था !

शायद तुझको भी मेरी कोई बात चुभती हो,
मुझे फूलों ने ठुकराया, काँटों ने सहलाया था !

राहतें भी तो अब मुझे तिश्नगी से मिलती हैं,
मुझे बारिश ने तरसाया, बंजर ने अपनाया था !

आज मिला वो किसी और की परछाईं बनकर,
कल तलक जो 'फ़राज़' के जिस्म का साया था !

|||फ़राज़|||

हसरत= Desire
सरग़ोशियाँ= whisper, gossip
महफ़िल = Assembly, Party, Gathering.
बदनामियाँ= Notorities.
तिश्नगी= Thirst, Longing.



गुरुवार, 23 मार्च 2017

तन्हा !!!

स्याह रात और हवाएं तन्हा,
स्याहियों से उलझी मेरी सदायें तन्हा !
कोई बादलों के पार नहीं रहता शायद,
लौट आती हैं मेरी ख़ामोश दुआएं तन्हा !

अक्सर मेरी ख़ामोशियों में शोर बनके,
चीख़ती रहती हैं मेरी आहें तन्हा !
तेरी राहों से मिले महज़ पांव के छाले,
लौटकर जब आयीं बेज़ार निगाहें तन्हा !

इस रु-ए-ज़मीं तक तुझको तलाश कर,
लौट आयीं मेरी नाकाम निगाहें तन्हा !
न तलब-ए-वफ़ा, न शिक़वा रंजिशों से,
बेकैफ़ सफ़र, बेकैफ़ सी राहें तन्हा !!!

||| फ़राज़ |||

रु-ए-ज़मीं= End of the world
बेकैफ़= = joyless, languid