ख़्वाहिशों ने
बादलों से,
चुपके
से साज़िश की थी !
एक
शाम तुम भी साथ थी,
और
बारिश भी थी !
सर्द हवाओं
ने,
एहसासों को
हवा दी थी !
बारिश
की बूंदों में,
जज़्बातों की आंच सी
थी !
जब क़ुर्ब हासिल हो
जाये,
ख़ामोश दो
निगाहों से !
मिलते
हैं ऐसे मौसम,
'फ़राज़' बड़ी दुआओं
से !
||| फ़राज़ |||
ख़्वाहिश= Wish,
Desire
साज़िश=
Conspiracy
सर्द= Cold
एहसास= Feeling,
Perception
जज़्बात= Emotions,
Feelings
आंच= Flame,
Warmth,
क़ुर्ब= Vicinity,
Nearness,
हासिल= Gain
ख़ामोश= Silent
ख़ामोश= Silent