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बुधवार, 10 जुलाई 2019

वादा

आग से आग को जब जलाया गया,
इश्क़ कह करके उसको बुलाया गया !

जबसे शोला हवा का दिवाना हुआ,
और भड़का वो जितना बुझाया गया !

याद रखना हमें हम बिछड़ जो गए,
इक ये वादा हमेशा निभाया गया !

मेरी क़दमों की आहट नहीं याद तो,
चौंक कर के क्यूँ सर को उठाया गया !

याद आई मुलाकात एक शाम की,
फूल जुड़े में जब भी लगाया गया !

कुछ को इबरत मिलीकुछ को राहत मिली,
शेर 'अल्फ़ाज़का जब सुनाया गया !

||| अल्फ़ाज़ |||

शोला = Blaze, Flame,
जूड़ा = Hair Bun
इबरत = Lesson, Warning, Example, सीख
राहत = Rest, Comfort, Ease, आराम, चैन
शेर = Couplet

सोमवार, 22 जनवरी 2018

नक़्श-ए-क़दम !!!

आँखों से छलक ही जाती है,
ख़ुशियों की ख़बर को क्या कहिये !

पढ़ लेते हैं मेरी ख़ामोशी
अपनों की नज़र को क्या कहिये !

बेफ़िक्र सा कुछ हो जाता हूँ,
बचपन का ज़िक्र को क्या कहिये !

ज़िन्दगी सिमट के रह जाती है,
शहरों में हो घर तो क्या कहिये !

वाक़िफ़ हूँ ख़ुदा के हुक्मों से,
दिल में न हो डर तो क्या कहिये !

हर नक़्श-ए-क़दम पर इबरत है
'फ़राज़' के सफ़र को क्या कहिये !

||| फ़राज़ |||

ख़बर= News
ख़ामोशी= Silence
नज़र= Vision
बेफ़िक्र= Casual, Carefree.
ज़िक्र= Narration, Remembrance, Talk

वाक़िफ़= aware, informed, Acquainted.

हुक्म= Order

नक़्श-ए-क़दम = Footprints.

इबरत= Lesson/ Admonition