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शुक्रवार, 19 जुलाई 2019

आमाल

जब काम बुरा मैं करता हूँ,
तब आईने से डरता हूँ !

कल से अच्छा बन जाऊँगा,
कह कर के रोज़ मुकरता हूँ !

वो जो मेरा गुज़रा कल है,
मैं उससे रोज़ गुज़रता हूँ !

इल्ज़ाम किसीको क्यूँ मैं दूँ,
मैं करता हूँमैं भरता हूँ !

जीने की ख़ातिर इश्क़ किया,
अब इश्क़ की ख़ातिर मरता हूँ !

डर है अपने आमालों का,
वरना कब मौत से डरता हूँ !

मैं अपने सच से वाक़िफ़ हूँ,
'अल्फ़ाज़मैं ख़ुद से डरता हूँ !

||| अल्फ़ाज़ |||

इल्ज़ाम = Allegation, Blame, आरोप
ख़ातिर = For The Sake Of.
आमाल = Deeds, Conducts, कर्म, व्यवहार
वाक़िफ़ = Acquainted With, Aware Of, Informed, जानकार

सोमवार, 25 फ़रवरी 2019

तिश्ना

साथ मेरे एक मजमा था,
पर आईनों में तन्हा था !

प्यास मेरी क्या बतलाऊं,
मैं साग़र हो के तिश्ना था !

||| अल्फ़ाज़ |||

मजमा = Crowd, Mob, Congregation
साग़र = Wine-Cup, Goblet, Bowl
तिश्ना = Thirsty, Insatiable, Eagerly

गुरुवार, 10 जनवरी 2019

वक़्त

दर्द थम जाएगाज़ख़्म भर जाएगा,
वक़्त अच्छा-बुरा सब गुज़र जाएगा !

जाना चाहे अगर वो तो जाने दे तू,
वो है तेरा तो फ़िर लौटकर आएगा !

लोग कहते हैं कि इश्क़ है इक नशा,
क्या नशे की तरह ही उतर जाएगा !

गर मिटा दूँ हथेली से उसकी लकीर,
मेरा बिगड़ा नसीबा संवर जायेगा !

उसके वादे-वफ़ा तू भी कर दे क़ज़ा,
बोझ दिल से वफ़ा का उतर  जाएगा !

मुझसे बेहतर परिंदे की तक़दीर है,
शाम को लौट कर अपने घर जाएगा !

हूँ मैं झूठा तो तुम आईना देख लो,
झूठ क्यासच है क्यासब नज़र आएगा !

रंगतें वो ही 'अल्फ़ाज़होंगी असल,
जिस्म का जब मुखौटा उतर जायेगा !

||| अल्फ़ाज़ |||

नसीबा= Fortune, Destiny
वादे-वफ़ा= Promise Of Love/Fulfillment/ Fidelity/ Faithful
क़ज़ा= Death, Lapse
वफ़ा= Love/Fulfillment, Fidelity, Faithful
बेहतर= Better
परिंदा= Bird
तक़दीर= Divine Decree, Fate, Destiny
रंगत= Colour, Form, Condition
असल= Real, Original
मुखौटा= Mask

बुधवार, 28 नवंबर 2018

दुआ

नीयत का साफ़दिल का सच्चा हो जाऊँ,
ऐ काश कि मैं फ़िर से बच्चा हो जाऊँ !

मज़हब का मज़हब से कोई झगड़ा न रहेगा,
तू सही हिन्दू बनमैं सही मुसलमाँ हो जाऊँ !

लिखा है बहुत सोच के ये राज़-ए-मग़फ़िरत,
हो जाऊँ जन्नती अगर मैं इंसाँ हो जाऊँ !

मेरे लिए बनाया है अल्लाह ने सबकुछ,
पी जाऊँ समंदर अगर मैं तिश्ना हो जाऊँ !

लोगों को तो ख़ुदा से भी शिकायत है आजकल,
मुझसे भी रहेगीचाहे मैं जितना अच्छा हो जाऊँ !

ज़िन्दा रहूँगा मैं सदा अशआ' में अपने,
हो जाऊँ मैं दफ़्न चाहे मैं धुआँ हो जाऊँ !

जी-हुज़ूरी का दौर है 'अल्फ़ाज़इस क़दर,
कि तोड़ दिया जाऊँ अगर मैं आईना हो जाऊँ !

||| अल्फ़ाज़ ||| 

नीयत = Intention, Purpose
मज़हब = Religion 
मुसलमाँ = The Muslim
राज़-ए-मग़फ़िरत = Secret Of Absolution/Pardon/Forgiveness
जन्नती= Dweller In Paradise
इंसाँ= Human Being, Mankind
तिश्ना = Thirsty, Insatiable, Eagerly
शिकायत = Complaint
अशआ'र= Couplets
दफ़्न= Burial
जी-हुज़ूरी= Yes Man; Sycophancy; "Yes Your Honour"
दौर= Age, Era, Time

क़दर= So Much, To Such A Degree

शनिवार, 25 अगस्त 2018

तफ़्सील


सवालों को यूँ हल कर देता हूँ,
ख़यालों को ग़ज़ल कर देता हूँ !

दुनिया से जो मैंने सीखा है,
काग़ज़ पे नक़्ल कर देता हूँ

ठोकर की तराशों से ख़ुद को,
मैं ताजमहल कर देता हूँ !

किरदार चराग़ सा है मेरा,
एक नूर मैं जल कर देता हूँ !

होता है वही जो लिखा है,
मैं तो बस अमल कर देता हूँ !

हक़ बात पे क़ाएम रहता हूँ,
तजवीज़ संभल कर देता हूँ !

'फ़राज़मैं हूँ एक आईना,
तफ़्सील मुकम्मल देता हूँ !

||| फ़राज़ |||

सवाल= Questions, Query
ख़याल= Thought
काग़ज़= Paper
नक़्ल= Narrative, Copying,
ठोकर= Obstacle, Kick, Stumble
तराश= Chisel, Carver
किरदार= Character, 
चराग़= An Oil Lamp
नूर= Light, Splendour
अमल= Act
हक़= Truth
क़ाएम= Stay, Permanence
तजवीज़= Suggestion
आईना= The Mirror
तफ़्सील =  Detail, Analysis
मुकम्मल= Complete, Perfect

गुरुवार, 2 अगस्त 2018

बुरा है !

इस क़दर ये ज़माना बुरा है,
कि बे-वजह मुस्कुराना बुरा है !

बात घर की निकल जाये बाहर,
इतना भी दोस्ताना बुरा है !

झाँक कर के गरेबाँ भी देखो,
सबपे ऊँगली उठाना बुरा है !

आईना ज़रा ख़ुद भी देखो,
कौन कहता ज़माना बुरा है !

नफ़रतें हों तो दिल में ही रखिये,
प्यार है तो छुपाना बुरा है !

दिल्लगी को चलो भूल जाओ,
इश्क़ को तो भुलाना बुरा है !

इम्तिहाँ हो जो इंसानियत का,
उसमें अपना-बेगाना बुरा है !

हो जाये गुनाह कोई सरज़द,
ऐसा रुपया कमाना बुरा है !

हो छुपाये किसीकी जो इज्ज़त,
ऐसा पर्दा हटाना बुरा है !

मैं करता नहीं जाँ की परवाह,
दुश्मनों का निशाना बुरा है !

बात कुछ तो पते की है कहता
'फ़राज़' को मैंने माना बुरा है !

||| फ़राज़ |||

क़दर= Amount, Degree
ज़माना= Time, World, Era
बे-वजह= Causeless, Without cause
दोस्ताना= Friendship
गरेबाँ= Collar
दिल्लगी= Flirt
इम्तिहाँ= Exam, Test
इंसानियत= Humanity
अपना-बेगाना= Nepotism, Favouritism
सरज़द= Be committed.
जाँ= Life.

बुधवार, 20 जून 2018

डर !!!

तेरे ख़्वाब के पूरा होने से डर जाता हूँ,
मैं फ़िर से अधूरा होने से डर जाता हूँ !

परछाइयाँ भी तो साथ छोड़ जाती हैं,
मैं अब अँधेरा होने से डर जाता हूँ !

सच बात कहता हूँ तो लोग रूठ जाते हैं,
आजकल आईना होने से डर जाता हूँ !

बे-वजह ही मुझपे इल्ज़ाम लग जाते हैं,
अब तो मुसलमां होने से डर जाता हूँ !

जानता हूँ कि बिछड़ने का दर्द क्या है,
लोगों के अपना होने से डर जाता हूँ !

तुम वो नहीं रहे जो तुम हुआ करते थे,
मैं फ़िर से तुम्हारा होने से डर जाता हूँ !

कोई भी तो दिल से अच्छा नहीं कहता,
इस दौर का हुक्मराँ होने से डर जाता हूँ !

अपनी कलम पे बंदिश मैं लगा नहीं सकता,
मैं अपने बे-ज़बां होने से डर जाता हूँ !

अख़बार की सुर्ख़ियोँ जब मैं पढ़ता हूँ,
'फ़राज़' मैं अच्छा होने से डर जाता हूँ !

||| फ़राज़ |||

ख़्वाब = Dream
बे-वजह = Without Cause
इल्ज़ाम = Blame
मुसलमां = The Muslim
दौर = Era, Age
हुक्मराँ = Ruler
बंदिश = Closure, Stoppage
बे-ज़बां = Tongue less, Speechless.
सुर्ख़ियाँ = Headlines.

बुधवार, 13 जून 2018

सफ़र !!!

कभी धूप का सफ़र, तो कभी छाँव का सफ़र,
एक तलातुम से झगड़ती मेरी नाव का सफ़र !

पा के मंज़िल को भी सफ़र में हम हैं
ख़त्म होता नहीं इश्क़ की राहों का सफ़र !

मेरे दर्द से तकलीफ़ कभी उनको भी हो,
कभी उन तक भी तो पहुंचे मेरी आहों का सफ़र !

वो भंवर था हमने जिसको साहिल समझा,
अब तो जाँ पे बन आया है वफ़ाओं का सफ़र !

मेरे पैरों में बेड़ियाँ मेरे हालात की हैं,
वरना लम्बा तो नहीं यहाँ से मेरे गाँव का सफ़र !

ख़ुद को तलाशता हूँ मैं अह्ल-ए-नज़र,
आईना दिखलाता है निगाहों का सफ़र !

जबीं रोज़ पूछती है ख़ुदा से सजदा करके !
मुकम्मल कब होगा मेरी दुआओं का सफ़र !

चाहतें जन्नत की दिल में रखता है 'फ़राज़',
फ़िर भी करता है शब्-ओ-रोज़ गुनाहों का सफ़र !

||| फ़राज़ |||

सफ़र= Journey
तलातुम= Sea-Storm, High Tide, Upheaval
मंज़िल= Destination, Stage
तकलीफ़= Trouble, Difficulty
आहों= Sighs, Moans.
भंवर= Whirlpool Vortex
साहिल= The Sea-Shore, Coast, Bank, 
जाँ= Life, Soul
वफ़ा= Fidelity, Faithfulness.
बेड़ियाँ= Shackles, Chains
हालात= Circumstances, Condition
वरना= Else, Otherwise
तलाशता= Search, Investigation, Quest, 
अह्ल-ए-नज़र= People Of Vision
आईना= Mirror
जबीं= Forehead
सजदा= Bowing In Prayer So As To Touch The Ground With The Forehead
मुकम्मल= Complete, Perfect
दुआ= Prayer
चाहत= Affection, Appetite
जन्नत= Paradise
शब्-ओ-रोज़= Night And Day
गुनाह= Sin, Crime, Fault