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रविवार, 6 जनवरी 2019

फ़ातिहा !

फ़ातिहा सब हो मेरा, ज़ख़्म अभी हरे थे,
वो आये न जनाज़े परजिनके लिए मरे थे !

सबकुछ उन्हें पता हैपर हाल पूछते हैं,
लगते हैं अजनबी सेवो जो कभी मेरे थे !

हमको तो डर था ये कि कैसे जियेंगे तन्हा,
उतना नहीं है मुश्किलजितना कि हम डरे थे !

यूँ तो नहीं हैं बाक़ीउतने भी ज़ख़्म दिल में,
पर वक़्त के मरहम से सब ज़ख़्म कब भरे थे !

इक हाथ न बढ़ाया मेरी तरफ मदद को,
लोगों के थे बहानेलोगों के मशवरे थे !

मेरी क़सम की अब तकतुझपे उधारियाँ हैं,
तू कर हिसाब उनकावादे वो जो तेरे थे !

दो गज़ कफ़न के पर्दे में छुप गई है इज्ज़त,
मर कर हुए हैं अच्छेज़िन्दा थे तो बुरे थे !

इस दौर में मोहब्बतहै जिस्म की ज़रुरत,
जो इश्क़ कर गये थेवो लोग दूसरे थे !

सारा क़ुसूर न दो 'अल्फ़ाज़तुम हुस्न को,
हम भी तो इश्क़ में कुछ ज़्यादा ही सर-फिरे थे !

||| अल्फ़ाज़ |||

फ़ातिहा = Recitation Of Certain Suras Of The Holy Qur'aan For The Peace Of Departed Soul. 
ज़ख़्म = Wound (घाव)
जनाज़ा = Bier, Funeral (अंत्येष्टि, अंतिम संस्कार)
तन्हा = Lonely, Alone (अकेला)
तरफ़ = Side, Towards (ओर, दिशा)
मदद = Help (सहायता)
बहाना = Excuse, Pretext, Pretence
मशवरे = Suggestion, Advice (सलाह, परामर्श)
क़सम = An Oath (सौगंध)
उधारियाँ = Debts, Debts (ऋण)
कफ़न = Shroud, Cloth To Cover The Corpse
हुस्न = Beauty, Elegance, Comeliness (सुन्दरता, सौंदर्य)
सर-फिरे = Crazy

गुरुवार, 2 अगस्त 2018

बुरा है !

इस क़दर ये ज़माना बुरा है,
कि बे-वजह मुस्कुराना बुरा है !

बात घर की निकल जाये बाहर,
इतना भी दोस्ताना बुरा है !

झाँक कर के गरेबाँ भी देखो,
सबपे ऊँगली उठाना बुरा है !

आईना ज़रा ख़ुद भी देखो,
कौन कहता ज़माना बुरा है !

नफ़रतें हों तो दिल में ही रखिये,
प्यार है तो छुपाना बुरा है !

दिल्लगी को चलो भूल जाओ,
इश्क़ को तो भुलाना बुरा है !

इम्तिहाँ हो जो इंसानियत का,
उसमें अपना-बेगाना बुरा है !

हो जाये गुनाह कोई सरज़द,
ऐसा रुपया कमाना बुरा है !

हो छुपाये किसीकी जो इज्ज़त,
ऐसा पर्दा हटाना बुरा है !

मैं करता नहीं जाँ की परवाह,
दुश्मनों का निशाना बुरा है !

बात कुछ तो पते की है कहता
'फ़राज़' को मैंने माना बुरा है !

||| फ़राज़ |||

क़दर= Amount, Degree
ज़माना= Time, World, Era
बे-वजह= Causeless, Without cause
दोस्ताना= Friendship
गरेबाँ= Collar
दिल्लगी= Flirt
इम्तिहाँ= Exam, Test
इंसानियत= Humanity
अपना-बेगाना= Nepotism, Favouritism
सरज़द= Be committed.
जाँ= Life.