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मंगलवार, 15 जनवरी 2019

उम्मीद

रग-रग में दौड़ती है, वो जान है उम्मीद,
बिन पंख जो उड़ाए, वो उड़ान है उम्मीद,
मायूस न हो 'अल्फ़ाज़' तू हालात से अपने,
ना-उम्मीदी कुफ़्र है, और ईमान है उम्मीद !

||| अल्फ़ाज़ |||


रग-रग= Every Vein/ Artery/ Nerve
उम्मीद= Hope
मायूस= Disappointed, Without Hope
हालात= Circumstances
न-उम्मीदी= Hopelessness
कुफ़्र= Not Believing In Allah And His Messenger
ईमान= Imaan In Islamic Theology Denotes A Believer's Faith In The Metaphysical Aspects Of Islam.

सोमवार, 8 अक्टूबर 2018

तिश्नगी

साहिल पे ला के हमको यूँ तिश्ना न कीजिये,
ढलती है रात अब तो पर्दा न कीजिये !

तिश्नगी दीदार की बढ़ जाएगीसुनिए,
चेहरा हथेलियों में छुपाया न कीजिये !

ऐसी भी क्या नज़र के मैं ईमान से जाऊँ,
यूँ मद-भरी निगाह से देखा न कीजिये !

जीते जी आप हमको मारा न कीजिये,
बिखरी हुई ये ज़ुल्फ़ संवारा न कीजिये !

है क्या ख़बर कि सच में मेरी जाँ चली जाये,
झूठी कसम यूँ जान की खाया न कीजिये !

किसको ख़बर कि कौन सा लम्हा है आख़िरी,
छोटी सी ज़िन्दगी हैरूठा ना कीजिये !

किस किस से बैर लेंकिस किस से हम लड़ें,
यूँ बे-नक़ाब हो के निकला न कीजिये !

रुक रुक के जाँ निकलती है अल्फ़ाज़ की जानाँ,
हंस हंस के यूँ ग़ैरों से तो बोला न कीजिये !

||| अल्फ़ाज़ |||

तिश्नगी= Thirst, Longing
दीदार= Appearance, Sight, Seeing
ईमान= Belief, Conscience, Creed, Faith
मद-भरी= Full Of Intoxication, Ecstasy, Wantonness, Lust
ज़ुल्फ़= A Curling Lock (Of Hair)Hanging Over The Temple Or Ear, Tresses
जाँ= Life, Soul
बैर= Enmity, Hostility
बे-नक़ाब= Unveiled
जानाँ=  A Loved One, A Sweetheart, Dear
ग़ैर= Stranger, Outsider

गुरुवार, 2 अगस्त 2018

बुरा है !

इस क़दर ये ज़माना बुरा है,
कि बे-वजह मुस्कुराना बुरा है !

बात घर की निकल जाये बाहर,
इतना भी दोस्ताना बुरा है !

झाँक कर के गरेबाँ भी देखो,
सबपे ऊँगली उठाना बुरा है !

आईना ज़रा ख़ुद भी देखो,
कौन कहता ज़माना बुरा है !

नफ़रतें हों तो दिल में ही रखिये,
प्यार है तो छुपाना बुरा है !

दिल्लगी को चलो भूल जाओ,
इश्क़ को तो भुलाना बुरा है !

इम्तिहाँ हो जो इंसानियत का,
उसमें अपना-बेगाना बुरा है !

हो जाये गुनाह कोई सरज़द,
ऐसा रुपया कमाना बुरा है !

हो छुपाये किसीकी जो इज्ज़त,
ऐसा पर्दा हटाना बुरा है !

मैं करता नहीं जाँ की परवाह,
दुश्मनों का निशाना बुरा है !

बात कुछ तो पते की है कहता
'फ़राज़' को मैंने माना बुरा है !

||| फ़राज़ |||

क़दर= Amount, Degree
ज़माना= Time, World, Era
बे-वजह= Causeless, Without cause
दोस्ताना= Friendship
गरेबाँ= Collar
दिल्लगी= Flirt
इम्तिहाँ= Exam, Test
इंसानियत= Humanity
अपना-बेगाना= Nepotism, Favouritism
सरज़द= Be committed.
जाँ= Life.