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बुधवार, 5 जून 2019

ईद का चाँद


ख़ुशियों की नई उम्मीद का चाँद,
मुबारक हो सबको ईद का चाँद !

||| अल्फ़ाज़ |||

उम्मीद = Hope, Expectation, आशा
मुबारक = Auspicious, Congratulation, शुभान्वित, कल्याणकारी,

मंगलवार, 15 जनवरी 2019

उम्मीद

रग-रग में दौड़ती है, वो जान है उम्मीद,
बिन पंख जो उड़ाए, वो उड़ान है उम्मीद,
मायूस न हो 'अल्फ़ाज़' तू हालात से अपने,
ना-उम्मीदी कुफ़्र है, और ईमान है उम्मीद !

||| अल्फ़ाज़ |||


रग-रग= Every Vein/ Artery/ Nerve
उम्मीद= Hope
मायूस= Disappointed, Without Hope
हालात= Circumstances
न-उम्मीदी= Hopelessness
कुफ़्र= Not Believing In Allah And His Messenger
ईमान= Imaan In Islamic Theology Denotes A Believer's Faith In The Metaphysical Aspects Of Islam.

शनिवार, 6 अक्टूबर 2018

इंतिहा

जो दुआ थी वही बद्-दुआ हो गई,
ये मेरी ज़िन्दगी क्या से क्या हो गई !

इस तरह से गए छोड़कर वो हमें,
रूह जैसे बदन से जुदा हो गई !

आशिक़ों की
 मिसालें था देता जहाँ,
आशिक़ी मैंने की तो ख़ता हो गई !

तेरी यादों में हमको ख़बर न हुई,
रात कब ढल गई, कब सुबह हो गई !

साथ अपने वो सब राहतें ले गया,
इन लबों से हँसी लापता हो गई !

हमने सोचा था, देखेंगे बस एक नज़र,
एक नज़र क्या मिलीसिलसिला हो गई !

अब तो उम्मीद भी थक के कहने लगी,
छोड़ 'अल्फ़ाज़' अब इंतिहा हो गई !

||| अल्फ़ाज़ |||

बद्-दुआ= Curse
रूह= Soul
बदन= Body
मिसाल= Example, Instance, Model
ख़ता= Mistake/ Fault
ख़बर= Information
राहत= Rest, Comfort, Ease
लब= Lips
लापता= Lost
सिलसिला= Chain, Series, Succession
उम्मीद= Hope
इंतिहा= Utmost Limit, End, Extremity

सोमवार, 20 अगस्त 2018

हालात


मैं भी तो जीना सीख गया,
हालाततुम्हारा शुक्रिया !

मैं ख़ुद ही ख़ुद का चारागर,
मैं ख़ुद ही ख़ुद का कीमिया !

लोगों से उम्मीद कम ही रखी,
जो करना था, वो ख़ुद किया !

मैं गुनाहगार किस बात का हूँ,
क़िस्मत में जो थावो किया !

अब दिल से कम ही सोचता हूँ,
कम करता हूँ मन-मर्ज़ियाँ !

मुझपर यक़ीन न इतना कर,
मेरी भी हैं ख़ुदग़र्ज़ियाँ !

अब उतनी मीठी नहीं रहीं,
वो रंग-बिरंगी टॉफ़ियाँ !

दो रोटी का सवाल अब भी है,
घर में रखी हैं डिग्रियाँ !

अभी याद ज़रा वो मुझको है,
अभी और पिला दे साक़िया !

'फ़राज़एक ग़ज़ल अधूरी सी,
तू एक मुकम्मल क़ाफ़िया !

||| फ़राज़ |||

हालात= State, Condition, Circumstances,
शुक्रिया= Thanks
चारागर= Cure-Provider, Doctor
कीमिया= Alchemist
उम्मीद= Hope
गुनाहगार= Sinner, Guilty, Criminal, Culprit
मन-मर्ज़ियां = Heart’s Desires
यक़ीन= Trust
ख़ुदग़र्ज़ियाँ= Selfishness 
डिग्रियाँ= Degrees
साक़िया = Bar-Tender
मुकम्मल= Complete, Perfect
क़ाफ़िया= Rhyme, The Last Or Second Last Words Of Each Verse Is Called Qaafiyaa

गुरुवार, 4 जनवरी 2018

एक अरमां !

मौसम-ए-सर्द आया है फ़ज़ा-ए-दिल में,
दिल के कोने में फ़िर ठिठुरता है एक अरमां !

बर्फ़ की झील के जैसे ठहरे मेरे मन में,
राख़ में शोले सा सुलगता है एक अरमां !

जाने किस दर्द में मुब्तला दिल इतना है,
कि दम-ब-दम आह भरता है एक अरमां !

रूह भी छोड़ ही जाती है एक रोज़ जिस्म को,
दिल-ए-बर्बाद से कब निकलता है एक अरमां !

कभी लबों पे भी आ जाता है हंसी बन कर,
कभी आँखों से भी छलकता है एक अरमां !

ये बस अरमां है, कोई हक़ीकत तो नहीं,
क्यूँ पशेमां है जो बिखरता है एक अरमां !

किसकी उम्मीद में चराग़ाँ करता है तू,
किसकी हुज़ूर में संवारता है एक अरमां !

एक पतंगे की मौत रोज़ मरता है 'फ़राज़'
एक शम्मा पे रोज़ मचलता है एक अरमां !

|||फ़राज़|||

मौसम-ए-सर्द= Season of winters.
फ़ज़ा-ए-दिल= Open and extensive area of the heart.
अरमां= Desire, Longing.
मुब्तला= Afflicted, Distressed.
दम-ब-दम= Every moment, Continuously.
आह= Sigh, Moan.
दिल-ए-बर्बाद= Ruined heart.
लब= Lips.
हक़ीक़त= Reality, Condition, State.
पशेमां= Embarrassed, Penitent.
चराग़ाँ= Illumination, Display of lamps.
हुज़ूर= Presence of a superior authority.
पतंगा= Moth.
रोज़= Every day.
शम्मा= Candle.


बुधवार, 20 सितंबर 2017

मेरा साया!!!

तू मेरी सूनी आँखों को,
ख़्वाबों से रोज़ सजाता है !
मैले-धुंधले  मेरे मन को,
तू रंगों से भर जाता है !

जब रात अँधेरी घिरते ही,
मेरा साया खो जाता है !
तू चुपके से मन में आकर,
मेरे साया हो जाता है !

तू दूर हैं मेरी आँखों से,
पर दूर कभी न लगता है !
हमदर्द जो बनके आया तू,
आसान सा जीना लगता है !

जाने कैसा मरहम मुझको,
तेरी बातों से मिलता है !
उम्मीद के धागों से मेरे,
मन के ज़ख्मों को सिलता है !

न कोई वादा लेता है,
न शर्त कोई तू रखता है !
न बांधता है तू कसमों में,
न रिश्तों के बंधन रखता है !

तू दोस्त से ज़्यादा अपना है,
तू इश्क़ से ज़्यादा गहरा है !
मैं ख़ुद से ज़्यादा तेरा हूँ,
तू ख़ुद से ज़्यादा मेरा है !

|||फ़राज़|||

सोमवार, 4 सितंबर 2017

इश्क-ए-कामिल!

एक रूह क़ैद है मेरे जिस्म की पिंजरे में,
ऐ ख़ुदा ये क्या अज़ीयत मुझपे नाज़िल है !
मेरी नाकामियां पढ़कर मुझे कहता क़ाबिल है,
हमने तो सुना था कि ज़माना बहुत फ़ाज़िल हैं !

ऐ मुश्किलों तुमसे हर बार जीत जाता हूँ,
मेरी निगाह में हरदम मेरी मंज़िल है !
तू भी आज अपने लहू की तासीर बता,
मेरी रगों में तो मेरे अल्फाज़ शामिल हैं !

बेक़रारियाँ, रतजगे, हूक सी दिल में है,
तेरी उम्मीद में इतना तो हमें हासिल है !
बारहा मेरे होश-ओ-हवास से भी तो तू जाता रहा,
फ़िर क्यूँ तेरे ख़्वाब से मेरी पलकें बोझिल हैं !

मेरे जनाज़े पर वो मेरा ही पता पूछता है,
बहुत ही मासूम सा वो मेरा क़ातिल है !
मेरे ज़िक्र पर अब भी वो चौंक सा जाता है,
नाक़ाम ही सही 'फ़राज़', इश्क तेरा कामिल है !

|||फ़राज़|||


नाज़िल= Descend.
फ़ाज़िल= Intelligent, wise, Expert.
तासीर=Effect, Influence, Impression.
होश-ओ-हवास= All Conciousness and Sense.
कामिल= Perfect.

बुधवार, 28 जून 2017

हिज्र के मौसम !!!

अपनी ही अना की किरचियों से
हम लेकर पोशीदा ज़ख्म लौटे,
आज तेरी चौखट से पशेमान
फ़िर हम मायूस क़दम लौटे!

मेरे किसी अपने के पते पर
अब कोई अग़यार रहता है,
तजुर्बों से संगसार होकर
न जाने कितने वहम लौटे!

तू दरवाज़े तक आकर भी
कुछ सोच कर लौट गया,
हसरतज़दा निगाहों में 
बारहा आख़िर सावन लौटे!

दहलीज़ पर तेरी न ढूँढ सके
क़दमों का तेरा हम कोई निशान,
उम्मीद की बिसरी गलियों में 
आज फ़िर हिज्र के मौसम लौटे!

|||फ़राज़||||

अना= self, ego

पोशीदा= hidden
पशेमान= embarrassed, penitent
अग़यार= strangers, opponents
संगसार= stoned, stoned to death
हसरतज़दा= overwhelmed, grief-stricken
बिसरी= forgotten
हिज्र= separation

गुरुवार, 4 मई 2017

राब्ता !!!

कल रात तुम फ़िर आये थे,
ख़्वाब था शायद,
पर अच्छा था !

राब्ता ये ख़्वाबों का
जैसे बुलबुला सा पानी का !

तुम भी कुछ-कुछ नींद के जैसे हो,
एक बार रूठ जाते हो
तो फ़िर जल्दी नहीं आते हो!

मैं रोज़ बांधता हूँ
उम्मीद की एक गिरह ,
तुम दुनियादारी की दलीलें दे कर
खोल देते हो,
रिश्तों की सारी गिरहें !

ख़्वाबों में न आया करो,
कि अब ख़्वाब टूटने से
राब्ता भी टूट जाता है !

|||फ़राज़|||



राब्ता = Contact.
गिरह= Knot, Joint.
दुनियादारी= Worldliness.
दलीलें= Excuses.