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रविवार, 10 फ़रवरी 2019

इश्क़ का धागा

ये इश्क़ है गीली मेंहदी सा,
सौंधा-सौंधाकच्चा-कच्चा !

सब रंग ज़माने के झूठे,
इक रंग वफ़ा का है सच्चा !

तू जितना मिलेउतना कम है,
तू जितना मिलेउतना अच्छा !

बस दिल की कहे, बस दिल की सुने,
दिल सीधा हैदिल है सच्चा !

है इश्क़ बुरासब कहते हैं,
पर सबको लगता है अच्छा !

एक जन्म का पक्का बंधन है,
पर इश्क़ का धागा है कच्चा !

जो जान के साथ नहीं जाता,
'अल्फ़ाज़इश्क़ है वो सच्चा !

||| अल्फ़ाज़ |||

सौंधा = Smelling Like Fresh Henna/ Soil, Fragrant
वफ़ा = Fulfilment, Fidelity, Faithful
जन्म = Incarnation, Life

बुधवार, 20 सितंबर 2017

मेरा साया!!!

तू मेरी सूनी आँखों को,
ख़्वाबों से रोज़ सजाता है !
मैले-धुंधले  मेरे मन को,
तू रंगों से भर जाता है !

जब रात अँधेरी घिरते ही,
मेरा साया खो जाता है !
तू चुपके से मन में आकर,
मेरे साया हो जाता है !

तू दूर हैं मेरी आँखों से,
पर दूर कभी न लगता है !
हमदर्द जो बनके आया तू,
आसान सा जीना लगता है !

जाने कैसा मरहम मुझको,
तेरी बातों से मिलता है !
उम्मीद के धागों से मेरे,
मन के ज़ख्मों को सिलता है !

न कोई वादा लेता है,
न शर्त कोई तू रखता है !
न बांधता है तू कसमों में,
न रिश्तों के बंधन रखता है !

तू दोस्त से ज़्यादा अपना है,
तू इश्क़ से ज़्यादा गहरा है !
मैं ख़ुद से ज़्यादा तेरा हूँ,
तू ख़ुद से ज़्यादा मेरा है !

|||फ़राज़|||