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बुधवार, 5 जून 2019

ईद का चाँद


ख़ुशियों की नई उम्मीद का चाँद,
मुबारक हो सबको ईद का चाँद !

||| अल्फ़ाज़ |||

उम्मीद = Hope, Expectation, आशा
मुबारक = Auspicious, Congratulation, शुभान्वित, कल्याणकारी,

गुरुवार, 7 जून 2018

उम्र-ए-दराज़ !!!

जिस्मों की तो आदत है, मिल करके बिछड़ जाना,
तुम मिलना तो ऐसे मिलना कि रूह में उतर जाना !

मुड़कर के हमने देखा, जब अपनी ज़िन्दगी को,
उम्र--दराज़ बस एक लम्हे का गुज़र जाना !

बेफ़िक्र किस क़दर था वो इश्क़ का ज़माना,
कर के तेरा तसव्वुर आठों पहर जाना !

मुझसे तेरी नज़र का पहले-पहल वो मिलना,
सदियों की गर्दिशों का लम्हें में ठहर जाना !

वो जाते-जाते तेरा मुड़कर के मुस्कुराना,
एक रूठती सी किस्मत का फ़िर से संवर जाना !

सब झूठ तो नहीं है, एक बात वो भी सच थी,
ज़िक्र--फ़िराक़ से तेरी आँखों का वो भर जाना !

देखा जो परिंदों को, तो याद आया हमको,
वो शामों का ढलना, वो लौट के घर जाना !

इस बार तो इतना भी तक़दीर में नहीं है,
हो ईद का बहाना और अपने शहर जाना !

||| फ़राज़ |||

जिस्म= Body, Material, Substance
रूह= Soul, Spirit, The Vital Principle
उम्र--दराज़= Long Life
लम्हा= Moment
बेफ़िक्र= Carefree
क़दर= Amount, Appreciation, 
ज़माना= Era
तसव्वुर= Imagination, Thought
पहर= Period Of Time, An 8th Hour Of A Day.
पहले-पहल= Initially, The First Time.
सदियों= Centuries, Centenaries
गर्दिशों= Revolution, Circulation, Misfortune
ज़िक्र--फ़िराक़= Mention/Talk of parting
परिंदों= Birds
तक़दीर= Fate, Destiny.






सोमवार, 10 जुलाई 2017

इश्क़ !!!

क्या ख़ूब कह गया था
वो कहने वाला,
इश्क़ है आग का दरिया
फ़िर भी उतर के देख !

इस आग में जल के ही
तुझे मुनव्वर होना है,
गर यही बाक़ी है रास्ता
तो फ़िर गुज़र के देख !

कुछ अंगड़ाइयों को
तेरा भी इंतज़ार है,
दिल पर ले के वार
तू तीर-ए-नज़र के देख !

तेरी नज़रों को मियां
सारा ज़माना पढ़ता है,
तू ईद का चाँद भी
न उसकी मुंडेर पर से देख !

लोग तो लोग हैं
कानों में बातें करते हैं,
दीदार-ए-यार हो जाये
तो तू जी भर के देख !

न रहेंगी सदा जवानियाँ
कुछ ग़लतियाँ तो कर ले,
सबकी नज़रों से बच के
उसकी गली से गुज़र के देख !

तू छोड़ दे फ़िक्रें
सवाब और अज़ाबों की,
हसीन सा गुनाह है इश्क़
फ़िर भी कर के देख !

 ||| फ़राज़ |||

मुनव्वर= Illuminated, Enlightened
सवाब= Reward of good deeds
अज़ाब= Torment, Agony