लुटने
की मुझको फ़िक्र क्या, बे-साज़-ओ-सामान हूँ,
लोगों
के दिल में घर मेरा, बे-सल्तनत
सुल्तान हूँ
!
है
तू अगर इन्सान तो समझेगा मेरी बेबसी,
करता
हूँ मैं भी ग़लतियाँ, मैं भी तो बस इन्सान हूँ !
मुझको
भी है दरकार हर रिश्ते से कुछ न कुछ नफ़ा,
कुछ
मैं भी रिश्वत-ख़ोर हूँ, कुछ मैं भी बेईमान हूँ !
करता
नहीं मैं तब से ज़ाया एक लम्हा ज़िन्दगी.
जिस
पल समझ आया कि बस एक पल का मैं मेहमान हूँ !
मुझमें दफ़्न हैं तेरी यादें, तेरी क़समें, और तू,
अपनी वफ़ा की लाश का मैं आप क़ब्रिस्तान हूँ !
कुर’आन में भी तो नहीं अल्लाह का सारा बयाँ,
जितना
ख़ुदा को जाना है, मैं
उतने में हैरान हूँ !
आँखों
के पानी से मैं सींचूँ किस तरह अपनी ज़मीं,
ख़ुद-कुश नहीं, मजबूर हूँ, मैं हिन्द का किसान हूँ !
कश्मीर
तो मैं अब भी हूँ, जन्नत
मगर मैं न रहा,
हर
रोज़ ताज़ी क़ब्र और जलता हुआ शमशान हूँ !
'अल्फ़ाज़' मैं हूँ आईना, कहता हूँ सच मैं हू-ब-हू,
लिखता
तो हूँ पेचीदगी, पढ़ने में मैं आसान हूँ !
||| अल्फ़ाज़ |||
बे-साज़-ओ-सामान= Without Luggage Wherewithal (ख़ाली
हाथ)
बे-सल्तनत= Without Empire (राज्यविहीन, बिना राज्य का)
सुल्तान= Emperor (शासक, राजा)
बेबसी= Helplessness (लाचारी, विवशता)
ग़लतियाँ= Mistakes (भूल, दोष)
दरकार= Required, Need (आवश्यकता)
नफ़ा= Profit, Gain (लाभ)
रिश्वत-ख़ोर= Corrupt (भ्रष्ट)
बेईमान= Cheat, Dishonest,
Fraudulent, Knave
ज़ाया= Waste (व्यर्थ)
लम्हा= Moment (पल, क्षण)
मेहमान= Guest (अतिथि)
दफ़्न= Buried
वफ़ा= Fidelity, Faithfulness, Love,
Loyalty (प्रेम, निष्ठा)
लाश= Dead Body, Corpse, Carcass (शव)
क़ब्रिस्तान= A Burial Ground, Cemetery, Graveyard
कुर'आन= Holy Quran, The Islamic Holy Book
बयाँ= Statement, Declaration, Description, (विवरण, वर्णन, उल्लेख)
हैरान= Confounded, Astonished, Perplexed,
Amazed (हतप्रभ, चकित)
सींचना= To Irrigate/Water
ज़मीं= Soil, Land, (भूमि, धरती)
ख़ुद-कुश= Suicider, One Who Commits Suicide (स्वहंता, आत्महंता)
मजबूर= Compelled, Forced, Oppressed,
Constrained, (विवश)
हिन्द= India (हिन्दुस्तान, भारत)
ताज़ी= Fresh, New
क़ब्र= Grave
शमशान= Crematorium, The Place For Burning
Pyres
हू-ब-हू= Exactly, Quite Perfectly (यथातथ्य, सदृष्य)
पेचीदगी= Complexity (जटिलता)