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गुरुवार, 18 अक्टूबर 2018

इश्क़

कभी गिर के देखोसंभल कर के देखो,
प्यार की राह पर साथ चल कर के देखो !

गर संभल के चलोगेतो तन्हा रहोगे,
इस रास्ते पे तुम भी फिसल कर के देखो !

इश्क़ सारे सवालों का इकलौता हल है,
एक दफ़ा ये पहेली भी हल कर के देखो !

इश्क़ तुमको भी तुमसे ही होने लगेगा,
मेरी आँखों से आँखें बदल कर के देखो !

फ़स्ल-ए-गुल है चमन में टहल कर के देखो,
मस्त भँवरे सा गुल पे मचल कर के देखो !

क्यूँ शमाओं की लौ पे पतंगे फ़ना हैं,
लौ किसीकी लगाओतो जलकर के देखो !

उम्र भर न सहीकुछ लम्हों को सही,
दो क़दम ही सहीसाथ चल कर के देखो !

अल्फ़ाज़ में पिरो के उनकी सारी अदाएँ, 
'अल्फ़ाज़' उनको ग़ज़ल कर के देखो !

||| अल्फ़ाज़ |||

गर= If
तन्हा= Alone, Single
इकलौता= Only
दफ़ा= Time
फ़स्ल-ए-गुल= Springtime, The Season Of Spring
चमन= Flower Garden
मस्त= Drunk, Intoxicated
गुल= Flower
शमा= Candle
लौ= Candle Flame, An Ardent Desire, Attachment 
फ़ना= Destruction
अदा= Coquetry, Gesture

रविवार, 27 अगस्त 2017

बेमुरव्वत!!!

बेमुरव्वत मैं भी ज़रा हो जाऊं,
क्यूँ न अब मैं भी ख़फ़ा हो जाऊं!

तू बेनियाज़ है अब मेरी मरीज़ी से,
बेग़रज़ मैं तुझसे इस दफ़ा हो जाऊं!

तुझसा कोई हुनर मुझको भी अता हो,
क़त्ल भी करूँ और बेगुनाह हो जाऊं!

तेरे क़िरदार का हर ऐब नुमाया होगा,
सर-ए-बाज़ार अगर मैं बेरिदा हो जाऊं!

वो तग़ाफ़ुल न करेगा ख़बर है हमको,
'फ़राज़' किसके लिए मैं फ़ना हो जाऊं!

मेरे ऐब को भी लोग मेरी अदा समझें,
मुकम्मल मैं कुछ इस तरह हो जाऊं!

क़फ़स में तो हूँ मगर परिंदा तो नहीं,
मैं बाज़ुबां हूँ तो कैसे बेज़ुबां हो जाऊं!

|||फ़राज़|||

बेमुरव्वत=Unkind, Uncivil, Inhuman.
बेनियाज़= Carefree
मरीज़ी= Sickness, Unwell.
बेग़रज़=Uninterested.
अता= Gift, Giving
क़िरदार= Character
ऐब=Defect, Imperfection
नुमाया= Apparent, Visible.
सर-ए-बाज़ार= In public, Openly.
बेरिदा=Uncover
तग़ाफ़ुल=Negligence
फ़ना=Destroy
क़फ़स=Cage, Prison
बाज़ुबां= One who can speak
बेज़ुबां= Speechless, Voiceless