क्या मेरी आजिज़ी इतनी कामिल न थी,
जो थी पहली दुआ, वो ही हासिल न थी !
बाद तेरे तुझे ही तलाशा किए,
एक सफ़र वो किया, जिसकी मंज़िल न थी !
दिल को हमने ये कह कर
के समझा लिया,
शायद मेरी वफ़ा के वो क़ाबिल न थी !
मेरी राह-ए-गुज़र की वो एक शाम थी,
मेरी कश्ती का लेकिन
वो साहिल न थी !
शायरी की मिलीं जिससे
सारी वजहें,
मेरे अशआ'र की
वो ही क़ाइल न थी !
मोड़ आया तो'अल्फ़ाज़' वो मुड़ गई,
||| अल्फ़ाज़
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आजिज़ी = Helplessness,
Humility, असहायता
कामिल = Perfect, Complete, पूरा, पूर्ण, संपूर्ण,
हासिल = Gain, Result, प्राप्त, उपलब्ध,
तलाशा = Search, खोज
क़ाबिल = Deserving, पात्र
सफ़र = Journey, Voyage,
Travel, यात्रा
साहिल = The Sea-Shore,
Beach, Coast, तट, किनारा
अशआ'र = Couplets
क़ाइल = Agree, Consent, Convince, Acknowledge
हमसफ़र
= Fellow-Traveler