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रविवार, 4 अगस्त 2019

दोस्त

अश्क़ों को मुस्कुरा के पीना सिखा दिया,
हँसने का मुझको फ़िर से क़रीना सिखा दिया,
कैसे अदा करूँगा मैं तेरा शुक्रिया,
ऐ दोस्त, तूने मुझको जीना सिखा दिया !

||| अल्फ़ाज़ |||

अश्क़ = Tear. आँसू
क़रीना= Manner, Method, ढंग, तरीका
शुक्रिया = thanks, धन्यवाद

सोमवार, 25 फ़रवरी 2019

सफ़र

मंज़िल को छोड़ करके हम सफ़र में आ गए,
घर लौट न सके जब से हम शहर में आ गए !

हम घर कभी मुकम्मल लौटे ही कहाँ हैं,
दफ़्तर का काम ले के हम घर में आ गए !

सजदे में भी सोचा किए दुनिया के काम-काज,
मस्जिद तलक तो अल्लाह के डर में आ गए !

करते हैं सफ़र रोज़ कहीं न पहुँचने का,
सफ़र हम में आ गया, हम सफ़र में आ गए !

पढ़ता है कौन इन दिनों अच्छाई की ख़बर,
जितने ग़लत थे वो सभी ख़बर में आ गए !

वही लोग कि जो काटते थे रात दिन शजर,
धूप में जले तो साया-ए-शजर में आ गए !

कोई चल न सका दूर तलक साथ में मेरे,
मंज़िल से पहले मोड़ रहगुज़र में आ गए !

किस-किस अदा की आपकी तारीफ़ मैं करूँ,
तमाम दरिया सिमट के समंदर में आ गए !

कुछ तो अलग सी बात है
 'अल्फ़ाज़में मेरे,
यूँ ही नहीं हम आपकी नज़र में आ गए !

||| अल्फ़ाज़ |||

सफ़र = Journey, Voyage, Travel, यात्रा
मुकम्मल = Perfect, Complete सम्पूर्ण, पूर्णतयः
दफ़्तर = Office, Department, कार्यालय
सजदे = Prayers, To Kneel And Touch One's Forehead To The Ground, TO Bow प्रार्थना
काम-काज = Work, Occupation, Activity
मस्जिद = Mosque
तलक = Till, तक
शजर = Tree पेड़, वृक्ष
साया-ए-शजर = Shadow/ Shade/ Protection Of The Tree पेड़/वृक्ष की छाया
रहगुज़र = Road, Path, रास्ता, पथ, मार्ग
अदा = Coquetry, Gesture, 
तारीफ़ = Praise प्रशंसा
तमाम = Entire, All, सब
दरिया = River नदी
नज़र = Vision, Favour 

सोमवार, 19 मार्च 2018

!!! वफ़ा-पैकर !!!

ख़ुदारा ये क्या माजरा हो गया,
वफ़ा-पैकर था जोबेवफ़ा हो गया !


इबादत के जैसी थी चाहत मेरी,
जिसको चाहा वही ख़ुदा हो गया !


क़त्ल करना तो ठहरी उनकी अदा,
मेरा आह भरना भी ख़ता हो गया !

तिनकों का भी सहारा क्या लीजिये,
भंवर ही जब ना-ख़ुदा हो गया !

सदमा कोई तेरे दिल को भी है,
तू यूँ ही नहीं बे-ज़बां हो गया !


उजालों में अकेला सा रहता हूँ मैं,
मेरा साया मुझसे जुदा हो गया !

ये शर्त इश्क़ में क्यूँ है 'फ़राज़',
वही कामिल हुआ जो फ़ना हो गया !

||| फ़राज़ |||

ख़ुदारा= God
माजरा= State, Incident, Condition, Happening
वफ़ा-पैकर= Mage/Embodiment Of Constancy, Loyalty Incarnate
बेवफ़ा= Faithless, Treacherous
इबादत= Prayers, Adoration
अदा= Coquetry, Gesture, Style
आह= Sigh, Moan
ख़ता= Mistake/ Fault
भंवर= Whirlpool Vortex
ना-ख़ुदा= Boatman, Sailor, The Master Or Commander Of A Ship
सदमा= A Shock, A Blow, Calamity, Injury
बे-ज़बां= Speechless, Dumb
शर्त= Condition, Term
कामिल= Perfect
फ़ना= Destruction/ Transitory

बुधवार, 20 सितंबर 2017

नाज़-ओ-अंदाज़!!!

एक चाँद ने क़दम जो ज़मीं पर उतारे,
आसमान से शिक़ायत करने लगे सितारे !

मुसव्विर सा हूँ मैं डूबा दीदार में तेरे,
जलने लगे हैं तुझसे क़ुदरत के नज़ारे !

अंगड़ाई जो तूने ली तो मन लहराया सा है,
चाक जिगर होता है जो तू ज़ुल्फ़ संवारे !

नाज़-ओ-अंदाज़ जुदा तेरी हर अदा में हैं,
आजिज़ी भी यूँ सुनता है जैसे अहसान उतारे !

देखता भी यूँ है जैसे देखता ही न हो,
घायल से कर गए हैं मुझको तेरे इशारे !

तूफ़ान से लड़ने का शौक़ था तुझे 'फ़राज़',
बारहा घर बना लिया है समंदर के किनारे !

|||फ़राज़|||

मुसव्विर= Painter, Sculpturer, Photographer
क़ुदरत= Nature, The Universe.
चाक= Stil, Ton, Cut.
नाज़= Pride, Grace
अंदाज़= Mannerism.
आजिज़ी= Helplessness, Humility, Inability, Submissiveness.