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रविवार, 4 अगस्त 2019

दोस्त

अश्क़ों को मुस्कुरा के पीना सिखा दिया,
हँसने का मुझको फ़िर से क़रीना सिखा दिया,
कैसे अदा करूँगा मैं तेरा शुक्रिया,
ऐ दोस्त, तूने मुझको जीना सिखा दिया !

||| अल्फ़ाज़ |||

अश्क़ = Tear. आँसू
क़रीना= Manner, Method, ढंग, तरीका
शुक्रिया = thanks, धन्यवाद

गुरुवार, 28 जून 2018

ज़िन्दगी !!!

ज़िन्दगी को ऐ दोस्त, इस तरह जीना होगा,
ये दवा हो या ज़हर, इसे हंस के पीना होगा !

लोगों की तसल्ली से तसल्ली न मिलेगी,
ज़ख्म तेरे अपने हैं, तुझे ख़ुद ही सीना होगा !

शायरी का सबब पूछिये तो महज़ इतना है,
एहसास-बयानी का मख़्सूस क़रीना होगा !

आँखों से बह गए तो क़ीमत न रहेगी,
ये तअ'ल्लुक़ के अश्क़ हैं, इन्हें पीना होगा !

साहिल पे खड़े हो के यूँ न देख तमाशा,
मझधार में कभी तेरा भी सफ़ीना होगा !

शायद तभी होगी शिफ़ा मेरे ग़मों की,
जब मेरी निगाहों में पैकर मदीना होगा !

मेरा दर्द मुझे बताता है कि मैं जिंदा हूँ अभी,
कैसे जियूँगा 'फ़राज़' अगर दर्द ही न होगा !

||| फ़राज़ |||

तसल्ली= Solace, Consolation
सबब= Cause, Reason
एहसास= Feeling
बयानी= Narratory
क़रीना= Manner, Method
तअ'ल्लुक़= Relation, Connection.
अश्क़= Tears
साहिल= The Sea-Shore, Beach, Coast.
मझधार= Vortex, Mid-Stream.
सफ़ीना= Boat, Vessel
ग़म= Sorrow, Grief.
शिफ़ा= Cure, Healing.
पैकर= Form, Appearance, Figure
मदीना= Medina Is A City In Western Saudi Arabia.