ख़ुदारा ये क्या माजरा हो
गया,
इबादत के जैसी थी चाहत मेरी,
सदमा कोई तेरे दिल को भी है,
वफ़ा-पैकर था जो, बेवफ़ा हो
गया !
इबादत के जैसी थी चाहत मेरी,
जिसको चाहा वही ख़ुदा हो गया !
क़त्ल करना तो ठहरी उनकी अदा,
मेरा आह भरना
भी ख़ता हो गया !
तिनकों का भी सहारा क्या लीजिये,
भंवर ही जब ना-ख़ुदा हो
गया !
सदमा कोई तेरे दिल को भी है,
तू यूँ ही नहीं बे-ज़बां हो
गया !
उजालों में अकेला सा रहता हूँ मैं,
मेरा साया मुझसे जुदा हो गया !
ये शर्त इश्क़
में क्यूँ है 'फ़राज़',
वही कामिल हुआ
जो फ़ना हो गया !
||| फ़राज़ |||
ख़ुदारा= God
माजरा= State,
Incident, Condition, Happening
वफ़ा-पैकर= Mage/Embodiment
Of Constancy, Loyalty Incarnate
बेवफ़ा= Faithless,
Treacherous
इबादत= Prayers,
Adoration
अदा= Coquetry, Gesture, Style
आह= Sigh, Moan
ख़ता= Mistake/ Fault
भंवर= Whirlpool Vortex
ना-ख़ुदा= Boatman, Sailor,
The Master Or Commander Of A Ship
सदमा= A Shock, A Blow,
Calamity, Injury
बे-ज़बां= Speechless, Dumb
शर्त= Condition, Term
कामिल= Perfect
फ़ना= Destruction/
Transitory