रास्ता
चाहिए, रहगुज़र चाहिए,
मैं मुसाफ़िर हूँ मुझको सफ़र चाहिए !
वार जितने करे, सीने पे ही करे,
मुझको
दुश्मन ज़रा मो'तबर चाहिए !
यूँ
तो गाँव में हमको हैं आसानियाँ,
मुश्किलों
से भरा पर शहर चाहिए !
है
तो छुट्टी मगर फ़ुर्सतें अब कहाँ,
मुझको
इतवार फ़िर बेफ़िकर चाहिए !
कोई चूल्हा जहाँ दूसरा न जले,
मुझको
बिल्डिंग नहीं, मुझको
घर चाहिए !
जानता
हूँ बुरा वक़्त टल जाएगा,
अपने हालात पे बस सबर चाहिए !
माँगने
का नहीं अब ज़माना रहा,
छीन
लेना तुम्हें कुछ अगर चाहिए !
मैं
नहीं मानता कोई हुक्म-ए-ख़ुदा
फ़िर
भी मुझको दुआ में असर चाहिए !
सब
समझते हैं 'अल्फ़ाज़' ख़ुद को
ख़ुदा,
सबको
ही अपने सजदे में सर चाहिए !
||| अल्फ़ाज़ |||
रहगुज़र = Road, Path, पथ, मार्ग
मुसाफ़िर
= Traveler, Passenger, यात्री, पथिक
सफ़र = Journey, Travel, यात्रा
वार
= Attack, हमला
दुश्मन
= Enemy, शत्रु,
मो'तबर = Trustworthy, विश्वसनीय
आसानी
= Ease, सुगमता
फ़ुर्सत = Leisure, Rest, आराम
बेफ़िकर
(बेफ़िक्र)= Casual, Carefree, निश्चिन्त
चूल्हा
= Stove
हालात = State, Condition, ‘हालत' का बहुवचन, दशाएँ।
सबर
(सब्र) = Patience, धैर्य
ज़माना = Time, World, Era, युग, समय
हुक्म-ए-ख़ुदा
= Commandment, ईश्वर की आज्ञा
असर
= Effect, प्रभाव
ख़ुद = Self, Oneself, स्वयं
सजदा = Bowing In Prayer So As To Touch The Ground
With The Forehead, शीश नमन