भूख
है, बेरोज़गारी
है,
पर
सबपे मज़हब भारी है!
झूठी ही सही, तारीफ़ करो,
ऐलान हुआ सरकारी है !
अपना किरदार दिखाओ तुम,
अबकी
सरकार तुम्हारी है !
उससे
मज़हब से ख़ौफ़ नहीं,
जिस
दिल से दिल की यारी है !
हम
इस पर सजदा करते हैं,
धरती
ईमान हमारी है
!
कुफ्फ़ार भला क्या कर पाता,
ये क़ौम ही ख़ुद से हारी है !
कोई ज़ाहिर का, कोई बातिन का,
इन्साँ
फ़ितरत से पुजारी है !
'अल्फ़ाज़' ग़ज़ल ही लिखा कर,
ख़बरों
पर पहरेदारी है !
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अल्फ़ाज़ |||
मज़हब
= Religion, धर्म
तारीफ़
= Praise, प्रशंसा
ऐलान
= Declaration; Proclamation,
Order
सरकारी
= Governmental, Official, राजकीय, हुकूमती,
किरदार
= Character, Conduct, Deed,
Manner, आचरण, व्यवहार,
ख़ौफ़ = Fear,
Dread, Terror, भय
सजदा
= Bowing In Prayer So As To Touch
The Ground With The Forehead, शीश नमन
धरती
= Land, Mother Earth,
ईमान
= Belief, Conscience, Faith
कुफ्फ़ार
= Pagan, Infidel, Unbeliever, ग़ैर-मुस्लिम
क़ौम
= People, Race, जाति, बिरादरी
ज़ाहिर
= Evident, Open, प्रत्यक्ष
बातिन
= Internal, Hidden, अप्रत्यक्ष,
इन्साँ
= Human Being, Mankind, मनुष्य
फ़ितरत
= Creation, Nature, प्रकृति, स्वभाव,
पुजारी
= Priest, Worshipper