zabaan लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
zabaan लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 24 जुलाई 2019

किसको है !

अब हिज्र की हैबत किसको है,
अब उनसे मोहब्बत किसको है !

अब लोग ज़रा जल्दी में है,
जीने की फ़ुर्सत किसको है !

आमाल ज़रा सबके देखो,
दोज़ख़ से दहशत किसको है !

गर मिले हमें तो जाएज़ है,
रिश्वत से अज़ीयत किसको है !

गर फिसले ज़बाँतो बात अलग,
सच कहने की आदत किसको है !

दुनिया के
 मसाइल क्या कम हैं,
मज़हब की ज़रुरत किसको है  !

'अल्फ़ाज़जो न हो मौत का डर,
तो रब की ज़रुरत किसको है !

||| अल्फ़ाज़ |||

हिज्र = Separation From Beloved, जुदाईविरह
हैबत = Fright, Panic, भयडर,
फ़ुर्सत = Leisure, Rest, आराम 
आमाल = Deeds, Conducts, कर्मव्यवहार
दोज़ख़ = Hell, नर्क
दहशत = Terror, Fear,आतंक 
गर = If, यदि
जाएज़ = Legal, Right, उचितवैध
रिश्वत = Bribe, घूस
अज़ीयत = Trouble, Suffering, कष्ट
ज़बाँ = Tongue, जिह्वाजीभ
मसाइल = Problems, Issues, समस्याएँमुद्दे
मज़हब = Religion, धर्म
रब = God, अल्लाह, ईश्वर

रविवार, 26 मई 2019

इश्क़


तू मुस्कुरा दे तो आराम हो जाए,
कितने सस्ते में मेरा काम हो जाए !

इश्क़ नज़रों की ज़बाँ पढ़ लेता है,
ख़ामोशियों में भी पैग़ाम हो जाए !

फ़िर कौन कम्बख़्त भला शराब पिए,
जो हासिल तेरी आँखों का जाम हो जाए !

तेरा ख़्वाब भी जीने के लिए कम तो नहीं,
तेरी हिचकी भी मेरा ईनाम हो जाए !

हर सज़ा मंज़ूर है इश्क़ में हमको,
काश साबित ये इल्ज़ाम हो जाए !

बर्बाद करना ही है तो इस क़दर कर दो,
कि आशिक़ों में मेरा मक़ाम हो जाए !

दिल्लगी में ही इन दिनों मुनाफ़ा है,
इश्क़ में हर कोई बदनाम हो जाए !

इश्क़ जल जाता है चूल्हा-चक्की में,
कामिल वही है जो नाकाम हो जाए !

'अल्फ़ाज़इस क़दर एहतिराम से लिख,
कि ये ग़ज़ल इश्क का सलाम हो जाए !

||| अल्फ़ाज़ |||

ज़बाँ = Language, Tongue, भाषा
पैग़ाम = Message, संदेश
कम्बख़्त = Unfortunate, अभाग्यशाली
हासिल = Gain, Profit, प्राप्त, उपलब्ध
जाम = Glass Of Wine, Goblet, मदिरापात्र
मंज़ूर = Accept, स्वीकार
साबित = Prove, Fixed, सिद्ध
इल्ज़ाम = Accusation, Allegation, आरोपदोष,
क़दर = Amount, मात्रा
मक़ाम =  Place, Position, स्थानपदवी
दिल्लगी  = Amusement, Merriment
मुनाफ़ा = Profit, लाभ
चूल्हा-चक्की = Household Chores, घरेलु कार्य
कामिल = Complete, Perfect, पूर्ण
नाकाम = Unsuccessful, Fail, असफल
एहतिराम = Respect, Honor, सम्मान
सलाम = Salutation, अभिवादन

सोमवार, 6 अगस्त 2018

ज़िन्दगी !!!

तू जीता क्यूँ गुज़रे कल में है,
ज़िन्दगी तो बस इस पल में है !

नज़र बा-अदब ये सोच के झुक जाती है,
कि उसकी इज़्ज़त भी छुपी आँचल में है !

दो किरदार किस तरह वो जी लेता है,
ज़बां पे यारी, छुरी उसकी बग़ल में है !

चलो मिलें हम फ़िर से अजनबी बन कर,
अधूरेपन सा लुत्फ़ कहाँ मुकम्मल में है !

नशा भी किरदार के मुताबिक़ होता है,
सच की एक दवा भी इस बोतल में है !

तन्हाई भी मुकम्मल मयस्सर नहीं होती,
जिस्म तो एक जिस्मों के जंगल में है !

यूँ तो हर मौत का लम्हा मुक़र्रर है,
जी ले कि ज़िन्दगी तो हर एक पल में है

यक़ीन कर कि ना-मुमकिन कुछ भी नहीं,
'फ़राज़मुश्किल तो महज़ पहल में है !

||| फ़राज़ |||

बा-अदब= Respectfully, With Due Respect.
इज़्ज़त= Respect, Esteem, Honor, Glory
किरदार= Character
ज़बां= Tongue, Speech
बग़ल= Armpit, Side
लुत्फ़= Pleasure, Enjoyment
मुकम्मल= Complete, Perfect
मुताबिक़= Like, Suitable, In Accordance
तन्हाई= Loneliness, Solitude
मयस्सर= Available
मुक़र्रर= Fixed
यक़ीन= Certainty, Truth, Confidence, Trust 
ना-मुमकिन= Impossible
मुश्किल= Difficulty
महज़= Only, Merely
पहल= Beginning, First Initiative.

शनिवार, 28 जुलाई 2018

कवायद !

हर क़दम एक नई दुश्वारी है,
ज़िन्दगी तो फ़िर भी जारी है !

मत सोच नतीजा क्या होगा,
वो कर जो तेरी ज़िम्मेदारी है !

इंसान के इंसान बनने की,
क़वाइद अब भी जारी है !

इसका हिसाब चुकाना होगा,
ये ज़िन्दगी एक उधारी है !

बहुत कमाई है ज़िन्दगी तूने,
बता मौत की क्या तैयारी है?

फ़िर से हैं चुनावी तक़रीरें,
फ़िर भूख मज़हब से हारी है !

जहाँ हम कहें वहां करो सजदा,
हो रहा ये ऐलान सरकारी है !

जो दिल में वो ज़बां पर है,
आदत कुछ ऐसी हमारी है !

कुछ तमाशा तो तू भी कर,
'फ़राज़' ये दौर ही इश्तिहारी है !

||| फ़राज़ |||

क़दम= Step
दुश्वारी= Difficulty
जारी= Proceeding, Continue
नतीजा= Result, Outcome
ज़िम्मेदारी= Responsibility
क़वाइद = Exercise, Drill
चुनावी= Electoral
तक़रीरें= Speeches, Recitals, Orations
मज़हब= Religion
सजदा= Bowing In Prayer So As To Touch The Ground With The Forehead
ऐलान= Announcement, Proclamation, Notification
सरकारी= Governmental, Official
ज़बां= Tongue, Speech
दौर= Time, World
इश्तिहारी= Related To Publicity