अब हिज्र की हैबत किसको है,
अब उनसे मोहब्बत किसको है !
अब लोग ज़रा जल्दी में है,
जीने की फ़ुर्सत किसको है !
आमाल ज़रा सबके देखो,
दोज़ख़ से दहशत किसको है !
गर मिले हमें तो जाएज़ है,
गर फिसले ज़बाँ, तो बात अलग,
सच कहने की आदत किसको है !
दुनिया के मसाइल क्या कम हैं,
मज़हब की ज़रुरत किसको है !
'अल्फ़ाज़' जो न हो मौत का डर,
||| अल्फ़ाज़ |||
हिज्र = Separation From Beloved, जुदाई, विरह
हैबत = Fright,
Panic, भय, डर,
फ़ुर्सत = Leisure, Rest, आराम
दोज़ख़ = Hell, नर्क
दहशत = Terror, Fear,आतंक
गर = If, यदि
जाएज़ = Legal, Right, उचित, वैध
रिश्वत = Bribe, घूस
अज़ीयत = Trouble,
Suffering, कष्ट
ज़बाँ = Tongue, जिह्वा, जीभ
मसाइल = Problems,
Issues, समस्याएँ, मुद्दे
मज़हब = Religion, धर्म
रब = God, अल्लाह, ईश्वर