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सोमवार, 18 मार्च 2019

तय कर लेंगे !

बस शर्त ये हैतुम साथ चलो,
कितनाये कभी तय कर लेंगे !
मैं शर्त कोई फ़िर से रख दूँ,
कहनाकि कभी तय कर लेंगे !

लम्हें है मिलन केप्यार करो,
झगड़ों को कभी तय कर लेंगे !
फ़िलहाल रिवाजों को तोड़ो,
रस्मों को कभी तय कर लेंगे !

चल दिल से ख़ुदा को हम देखें,
मज़हब को कभी तय कर लेंगे !
'अल्फ़ाज़ज़रा वो हाँ कह दें,
हम रब को कभी तय कर लेंगे !

||| अल्फ़ाज़ |||

तय = Fix, Establish, Settle
शर्त = Condition
फ़िलहाल = At Present, As Of Now
रिवाज = Custom, Fashion, Practice
रस्म = Custom, Ritual
मज़हब = Religion
रब = God, Lord, The Preserver, Master 

बुधवार, 2 मई 2018

आतिश-ए-इश्क़ !!!

क्या ख़ूब बला है ये आतिश-ए-इश्क़,
कि जलने में भी मज़ा, और जलाने में भी !

कहें तो कैसे कहें कि बात है दिल की,
जिसे कहने में भी मज़ा और छुपाने में भी !

मज़ा इसमें भी है कि उनको जलाया जाए,
कि जिनसे रूठने में भी मज़ा, जिनको मनाने में भी !

दिल को खिलौना ही समझ कर खेल लीजिये,
आपसे तो जीतने में भी मज़ा, और हार जाने में भी !

तेरे इश्क़ की हर शर्त है मंज़ूर हमको,
जिन्हें तोड़ने में भी मज़ा और निभाने में भी !

ये इश्क़ का नशा है, हर हाल में मज़ा है,
है दिल्लगी में भी मज़ा और दिल के लगाने में भी !

दिल के सौदे में कभी 'फ़राज़' का ख़सारा न हुआ,
है मिलन में भी मज़ा, और बिछड़ जाने में भी !

||| फ़राज़ |||

आतिश-ए-इश्क़= Fire Of Love
शर्त= Condition, 
मंज़ूर= Accept
हाल= State, Condition,
दिल्लगी= Amusement, Merriment
ख़सारा= Loss

सोमवार, 25 दिसंबर 2017

ज़ेर-ओ-ज़बर !!!

बेताब है गर दिल लुटने को,
तो तीर-ए-नज़र को क्या कहिये !

है जान का दुश्मन बन बैठा,
उस जान-ए-जिगर को क्या कहिये !

मज़हब सा तुझे है मान लिया,
अब कोर-कसर को क्या कहिये !

बस तेरी ही ग़ज़ल मैं लिखता हूँ,
अब ज़ेर-ओ-ज़बर को क्या कहिये !

हैं जिसकी शिकायत करते जुगनू,
उस रश्क़-ए-क़मर को क्या कहिये !

इल्ज़ाम न दे तू बस दिल को,
मिल जाए नज़र तो क्या कहिये !

क्या कहिये मिलन की चाहत को,
फ़िराक़ के डर को क्या कहिये !

शम्मा-ए-महफ़िल से आशना है 'फ़राज़',
एक पतंगे के जिगर को क्या कहिये !

|||फ़राज़|||

बेताब= Desperate, Impatient Restless.
गर= If
तीर-ए-नज़र= Arrow of the eye.
जान-ए-जिगर= Life of the heart.
कोर-कसर= Imperfection, Shortening, Deficiency.
ज़ेर-ओ-ज़बर= Topsy-turvy, Upside down.
रश्क़-ए-क़मर= Envy of moon.
इल्ज़ाम= Blame, Accusation.
फ़िराक़= Separation, Absence Departing.
शम्मा-ए-महफ़िल= Candle of the party/ Assembly.
आशना= Intimate, Acquaint.
पतंगा= Moth
जिगर= Heart.