aajizi लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
aajizi लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 9 मार्च 2019

पहली दुआ

क्या मेरी आजिज़ी इतनी कामिल न थी,
जो थी पहली दुआवो ही हासिल न थी !

बाद तेरे तुझे ही तलाशा किए,
एक सफ़र वो कियाजिसकी मंज़िल न थी !

दिल को हमने ये कह कर के समझा लिया,
शायद मेरी वफ़ा के वो क़ाबिल न थी !

मेरी राह-ए-गुज़र की वो एक शाम थी,
मेरी कश्ती का लेकिन वो साहिल न थी !

शायरी की मिलीं जिससे सारी वजहें,
मेरे अशआ' की वो ही क़ाइल न थी !

मोड़ आया तो'अल्फ़ाज़वो मुड़ गई,
हमसफ़र तो थी लेकिन वो मंज़िल न थी !

||| अल्फ़ाज़ |||

आजिज़ी = Helplessness, Humility, असहायता 
कामिल = Perfect, Complete, पूरापूर्णसंपूर्ण,
हासिल = Gain, Result, प्राप्तउपलब्ध
तलाशा = Search, खोज
क़ाबिल = Deserving, पात्र
सफ़र = Journey, Voyage, Travel, यात्रा
राह-ए-गुज़र = Road, Path, रास्तापथमार्ग 
साहिल = The Sea-Shore, Beach, Coast, तटकिनारा
अशआ'र = Couplets
क़ाइल = Agree, Consent, Convince, Acknowledge
हमसफ़र = Fellow-Traveler

शनिवार, 22 सितंबर 2018

जान-ए-जाँ

तुझे माँगता हूँ मैं हर दफ़ा,
कभी बा-सबब, कभी बे-वजह !

तू ही आजिज़ी, तू ही इल्तिजा,
कभी ख़्वाह-मख़ाह, कभी बा-वजह !

मेरी ज़ीस्त की तू ही दास्ताँ,
तू ही इब्तिदा, तू ही इंतिहा !

तू ही दर्द है, तू ही है दवा,
तू ही दुश्मना , तू ही जान-ए-जाँ !

कभी जान तू, कभी तू जुदा,
कभी चार सू, कभी बे-निशाँ !

बेदर्द तूहमदर्द तू,
बेपीर तू, तू ही हमनवा !

मेरी ज़ात में है तू इस क़दर,
तू ही हमनज़र, तू ही हमज़बाँ !

मेरी शायरी का ख़याल तू,
तू ‘फ़राज़' का नाम-ओ-निशाँ !

||| फ़राज़ |||

दफ़ा= Time
बा-सबब= By Reason
बे-वजह= Without Cause/Reason
आजिज़ी= Helplessness, Humility
इल्तिजा= Request
ख़्वाह-मख़ाह= Simply, For No Reason, Just Like That.
बा-वजह= For Some Reason.
ज़ीस्त= Life, The Existence
दास्ताँ= Story, Fable, Tale
इब्तिदा= Beginning, Starting, Origin
इंतिहा= Utmost Limit, End, Extremity
दुश्मना= Enemy
जान-ए-जाँ= Life, Sweetheart
चार सू= In Four Directions, In All Directions
बे-निशाँ= Without A Sign. Traceless
बेदर्द= Cruel, Merciless, Heartless
हमदर्द= A Sympathizer, A Fellow, Sufferer Partner In Adversity
बेपीर= Unrepentant, Ruthless
हमनवा= Friend
ज़ात= Personality, Being/ Caste, Race,
क़दर= Amount, Appreciation, Dignity, Honor
हमनज़र= Those Who View The World The Same Way
हमज़बाँ= Speaking In The Same Voice/Language
नाम-ओ-निशाँ= Identity, Signs