misaal लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
misaal लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 6 अक्टूबर 2018

इंतिहा

जो दुआ थी वही बद्-दुआ हो गई,
ये मेरी ज़िन्दगी क्या से क्या हो गई !

इस तरह से गए छोड़कर वो हमें,
रूह जैसे बदन से जुदा हो गई !

आशिक़ों की
 मिसालें था देता जहाँ,
आशिक़ी मैंने की तो ख़ता हो गई !

तेरी यादों में हमको ख़बर न हुई,
रात कब ढल गई, कब सुबह हो गई !

साथ अपने वो सब राहतें ले गया,
इन लबों से हँसी लापता हो गई !

हमने सोचा था, देखेंगे बस एक नज़र,
एक नज़र क्या मिलीसिलसिला हो गई !

अब तो उम्मीद भी थक के कहने लगी,
छोड़ 'अल्फ़ाज़' अब इंतिहा हो गई !

||| अल्फ़ाज़ |||

बद्-दुआ= Curse
रूह= Soul
बदन= Body
मिसाल= Example, Instance, Model
ख़ता= Mistake/ Fault
ख़बर= Information
राहत= Rest, Comfort, Ease
लब= Lips
लापता= Lost
सिलसिला= Chain, Series, Succession
उम्मीद= Hope
इंतिहा= Utmost Limit, End, Extremity

गुरुवार, 22 मार्च 2018

!!! बे-ख़याल !!!

कभी रंग स्याह हुआ, कभी मैं गुलाल हुआ,
जब बे-ख़याल हुआ, तब मैं कमाल हुआ !

उजालों की क़द्र तो अंधेरों में समझ पाया हूँ,
बुझ-बुझ के जब जला तो रौशन मशाल हुआ !

मैंने किसी ग़ज़ल में तेरा नाम न लिखा,
तेरी बदनामियों का फ़िर भी मुझसे सवाल हुआ !

मर जायेंगे बिछड़ कर, ये आपने कहा था,
माथे पे शिकन तक नहीं, ये क्या मलाल हुआ !

इश्क़ कामिल हुआ तो मस'अलों में उलझ गया,
इश्क़ जो अधूरा रहा वो हरगिज़ मिसाल हुआ !

मील का पत्थर साबित हुई मेरी हर ठोकर,
जितना ठुकराया गया उतना बा-कमाल हुआ !

अपनी हस्ती पर ग़ुरूर न कर ऐ उगते सूरज,
'फ़राज़' जो भी उरूज हुआ, उसका ज़वाल हुआ !

||| फ़राज़ |||


स्याह= Black
गुलाल= Gulal Is A Colorful Dry Powdered, Which Is Used In The Festival Of Holi. It Is Also Used In Making Rangoli.
बे-ख़याल= Thoughtless
कमाल= Perfect, Complete, Excellent,
क़द्र= Dignity, Honor, Merit, Value
रौशन=  Bright, Illuminate
मशाल= Lamp, Torch
माथे= Forehead
शिकन= Wrinkle
मलाल= Regret, Grief, Sorrow
कामिल= Complete, Perfect
मस'अला= Problem, Aphorism, Matter,
हरगिज़= Ever
मिसाल= Example, Instance, Model
मील का पत्थर= Mile-Stone
साबित= Prove, Evidence
बा-कमाल= With Perfection, Art
हस्ती= Existence, Life
ग़ुरूर= Proud, Haughtiness, Vanity, Glory
उरूज= Rise, Exaltation, Ascension
ज़वाल= Decline, Afternoon When The Sun Is On The Decline, Diminution

बुधवार, 13 सितंबर 2017

बेनियाज़ !!!

बेनियाज़ जो तुझसे हम ज़रा हो गए,
इल्ज़ाम ये आया कि हम बेवफ़ा हो गए !

ख़ुदसे कोई शिक़ायत न रही बाक़ी,
जबसे तुझसे ही हम ख़फ़ा हो गए !

तेरे मसअले पर हम कुछ यूँ मिसाल हुए,
जीती जागती सी एक तालीमगाह हो गए !

हमें ही तो था इश्क़ उस जलती लौ से,
बरहा पतंगे की तरह हम फ़ना हो गए !

छुपा न पाएगी उन्हें कफ़न की चादर,
राज़-ए-ज़मीर जो तेरे बेरिदा हो गए !

उनका ख़ुदा शायद कोई और ही होगा,
क़त्ल करके जो लोग बेगुनाह हो गए !

कौन सुनाएगा तुझको अब कहानी मेरी,
अब तो मेरे क़ासिद भी बेजुबान हो गए !

चराग़ों की तरह रात हम भर जलते रहे,
मज़लूम-ए-तजाहुल हर सुबह हो गए !

|||फ़राज़|||


बेनियाज़= Independent, Carefree.
इल्ज़ाम= Blame
मसअला= Matter, Problem. 
मिसाल= Example, Instance, Model.
तालीमगाह= Seminary.
लौ= Candle flame, Ardent desire.
फ़ना= Destruction. 
राज़-ए-ज़मीर= Secret of Heart/Conscience/Mind.
बेरिदा=Uncover.
क़त्ल= Murder.
क़ासिद= Messenger.
मज़लूम= Victimised, One who is treated wrongfully or unjustly.
तजाहुल= Ignorance.