साथ मेरे एक मजमा था,
पर आईनों में तन्हा था !
प्यास मेरी क्या बतलाऊं,
मैं साग़र हो के तिश्ना था !
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अल्फ़ाज़ |||
मजमा = Crowd, Mob, Congregation
साग़र = Wine-Cup,
Goblet, Bowl
तिश्ना = Thirsty,
Insatiable, Eagerly
जिंदगी दो तरह के सवालों में है एक जीते हैं हम, एक ख़यालों में है! चलिए रूबरू कराते हैं अल्फ़ाज़ की अल्फ़ाज़ियत से l मैं वादा करता हूँ कि मेरी हर ग़ज़ल में आप मुझसे, और ख़ुद से भी मिलेंगे l
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