ये जो उनसे
ज़रा सी शिकायत हुई,
देखिये तो
सही क्या मोहब्बत हुई !
चोट प्यारी
सी है, दर्द मीठा सा है,
दिल को भी
एक अजब सी अज़ीयत हुई !
एक तेरे
सिवा सूझता कुछ नहीं,
अब ज़हन की भी दिल जैसी
हालत हुई !
आज मेरे
लिए मुस्कुरा वो दिए,
ज़िन्दगी ख़ुशनुमा, पुर-मसर्रत हुई !
दिल में महफ़िल है, त्यौहार और जश्न है,
इश्क़ इतवार
की जैसे फ़ुर्सत हुई !
हर तसव्वुर तेरा है अदब से किया,
इस तरह आशिक़ी भी इबादत हुई !
उनके आने
से 'अल्फ़ाज़' की ज़िन्दगी,
मेहरबान और ख़ूबसूरत हुई !
||| अल्फ़ाज़ |||
शिकायत = Complaint
अजब = Strange, Wonderful,
अजब = Strange, Wonderful,
अज़ीयत = Trouble, Suffering,
ज़हन = Mind, Brain,
ख़ुशनुमा = Pleasant, Beautiful,
पुरमसर्रत = Joyous, Full Of Happiness
महफ़िल = Party, The Congregation
त्यौहार = Festival
जश्न = A Feast, A Jubilee, Celebration
फ़ुर्सत = Leisure, Freedom, Rest
तसव्वुर = Imagination, Contemplation,
अदब = Respect, Courtesy
आशिक़ी = Love, State Of Being In Love Courtship
तसव्वुर = Imagination, Contemplation,
अदब = Respect, Courtesy
आशिक़ी = Love, State Of Being In Love Courtship
इबादत = Prayer, Worship
मेहरबान = Benign, Kind,
मेहरबान = Benign, Kind,
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