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गुरुवार, 10 जनवरी 2019

वक़्त

दर्द थम जाएगाज़ख़्म भर जाएगा,
वक़्त अच्छा-बुरा सब गुज़र जाएगा !

जाना चाहे अगर वो तो जाने दे तू,
वो है तेरा तो फ़िर लौटकर आएगा !

लोग कहते हैं कि इश्क़ है इक नशा,
क्या नशे की तरह ही उतर जाएगा !

गर मिटा दूँ हथेली से उसकी लकीर,
मेरा बिगड़ा नसीबा संवर जायेगा !

उसके वादे-वफ़ा तू भी कर दे क़ज़ा,
बोझ दिल से वफ़ा का उतर  जाएगा !

मुझसे बेहतर परिंदे की तक़दीर है,
शाम को लौट कर अपने घर जाएगा !

हूँ मैं झूठा तो तुम आईना देख लो,
झूठ क्यासच है क्यासब नज़र आएगा !

रंगतें वो ही 'अल्फ़ाज़होंगी असल,
जिस्म का जब मुखौटा उतर जायेगा !

||| अल्फ़ाज़ |||

नसीबा= Fortune, Destiny
वादे-वफ़ा= Promise Of Love/Fulfillment/ Fidelity/ Faithful
क़ज़ा= Death, Lapse
वफ़ा= Love/Fulfillment, Fidelity, Faithful
बेहतर= Better
परिंदा= Bird
तक़दीर= Divine Decree, Fate, Destiny
रंगत= Colour, Form, Condition
असल= Real, Original
मुखौटा= Mask

मंगलवार, 3 अक्टूबर 2017

पहली नज़र !!!

काम जो पहली नज़र कर गई,
समझने में मेरी सारी उम्र गई!

वो यूँ संवर के सामने आया मेरे,
वक़्त की जैसे गर्दिश ठहर गई!

जाने किस रंग में वो रंग लेता है,
रंगत-ए-दिल-ए-नाशाद निखर गई!

उसने हिना से जो मेरा नाम लिखा,
मेरी तक़दीर उसकी हथेली पर उभर गई!

उसने जाते हुए मुड़ कर कुछ यूँ देखा,
रूठती क़िस्मत जैसे फ़िर से संवर गई!

देख कर उसने कुछ यूँ झुका ली नज़रें,
मत पूछ क्या मेरे दिल पर गुज़र गई!

उसकी तस्वीर से भी अब इश्क़ हो चला है,
ताकते हुए उसको शाम-ओ-सहर गई!

मेरे इश्क़ की तबस्सुम है उसके लबों पर,
'फ़राज़' आज तो तेरी झोली ही भर गई!

|||फ़राज़|||

गर्दिश= Circulation, Misfortune, Revolution
रंगत-ए-दिल-ए-नाशाद= Colour/Condition of disappointed heart.
शाम-ओ-सहर= Night and Day, Round the clock
तबस्सुम= Smile

शुक्रवार, 6 जनवरी 2017

ख़त

आज तेरा ख़त जला दिया मैंने,
राख़ के पुर्ज़े से हुए अहसास मेरे!

राख़ के रंगत से स्याह दिखते हैं,
क्या रंग लाये हैं अल्फाज़ तेरे!

बोझ से आज पलकें बंद कर ली मैंने
बरसों तलक उठाये हमने नाज़ तेरे!

तुझपे यकीं तो था, इल्म-ए-ग़ैब न था
आहिस्ता आहिस्ता खुले हैं राज़ तेरे!

आज सफ़र का रुख़ कर लेते हैं,
बहुत मुन्तज़िर रह लिए फ़राज़ तेरे!

फ़राज़....