raaz लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
raaz लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 16 मई 2019

जो इश्क़ करे


है कौन कि जो आबाद हुआ,
जो इश्क़ करेबर्बाद हुआ !

है वस्ल ख़ुशी ऐसी जिसमें,
जो शाद हुआनाशाद हुआ !

जो पार हुआगुमनाम रहा,
जो डूब गयाफ़रहाद हुआ !

हम तेरे जैसे लगते हैं,
तू इतना हमको याद हुआ !

दिल काँच के जैसा
 नाज़ुक था,
जब टूट गयाफ़ौलाद हुआ !

इन्सान थे उतरे दुनिया में,
ये धर्म कहाँ ईजाद हुआ !

जिससे खायी हमने ठोकर
,
वो संग मेरी बुनियाद हुआ !

'अल्फ़ाज़ग़ज़ल का राज़ है ये,
महसूस कियाइरशाद हुआ !

||| अल्फ़ाज़ |||

आबाद = Inhabited, Prosperous, संपन्नखुशहाल
बर्बाद = Ruin, Destroy, नष्ट
वस्ल = Union Or Meeting (Typically Used In The Context Of A Meeting Of Lovers), मिलन,
शाद = Happy, Glad, प्रसन्नआनंदित
नाशाद = Unhappy, Joyless, दुखी
फ़रहाद = Hero Of The Famous Love-Story 'Shirin-Farhad', 
नाज़ुक = Delicate, Gracious, कोमल
फ़ौलाद = Steel, लोहा
धर्म = Religion
ईजाद = Invent
संग = Stone, पत्थर
बुनियाद = Foundation आधार
इरशाद = Means A Command Or An Order Given To Someone


रविवार, 10 फ़रवरी 2019

इश्क़ की आँच

अब राज़ नहीं ये संभलता है,
दिल जलता है तो जलता है !

ये इश्क़ की आँच है धीमी सी,
दिल हौले-हौले जलता है !

हाय ये हमको हुआ है क्या,
तेरा न होना खलता है !

तेरी ज़िद के अंगारों पर,
दिल नंगे पाँव टहलता है !

दिल को आरामें रास कहाँ,
दिल तड़पे तो ही बहलता है !

वो आँखों का है जादूगर,
आँखों से मुझको छलता है !

जब चोरी पकड़ी जाती है,
वो हँस के बात बदलता है !

'अल्फ़ाज़' तू गर्मी जारी रख,
वो हौले-हौले पिघलता है !

||| अल्फ़ाज़ |||

आँच = Flame, Warmth
हौले-हौले = Slowly, Gradually, Gently,
रास = Be Suitable, Accept, Agree
छल = Deceit, Deception, Trick,
जारी = Continue, Proceed

मंगलवार, 13 नवंबर 2018

ज़िन्दगी

ज़िन्दगी में जीतने का राज़ तू ये जान ले,
हार है गर मान लेजीत है गर ठान ले !

चाहता है कुछ अगर फ़िक्र करबस कर गुज़र,
पहचान ले दुनिया तुझेगर ख़ुद को तू पहचान ले !

रोज़-ओ-शब्शाम-ओ-सहरभटका किया तू दर-ब-दर,
लौट के घर आएगा , तू ख़ाक दर-दर छान ले !

बोझ ले कर घूमता है क्यूँ तू सारी ज़िन्दगी,
मुख़्तसर सा है सफ़रतू मुख़्तसर सामान ले !

पायेगा तू दिल का
 सुकूँगर बात ये समझेगा तू,
औरों की ग़लती माफ़ करअपनी हो ग़लती मान ले !

अल्लाह को है मानता
अल्लाह की न मानता,
मान लेगा वो तेरीपहले तू उसकी मान ले !

वक़्त ये मुश्किल सही, 'अल्फ़ाज़ये कट जायेगा,
ज़िन्दगी मुश्किल नहींगर तू इसे आसान ले !

||| अल्फ़ाज़ |||

राज़ = Secret
गर = If
ठान = Determine
फ़िक्र = Worry
रोज़-ओ-शब् = Day And Night
शाम-ओ-सहर = Morning And Evening
दर-ब-दर = From Door To Door, Everywhere
ख़ाक =  Dust/ Ashes
दर-दर = Door To Door
मुख़्तसर = Brief
सामान = Provision, Goods, Luggage
सुकूँ =  Peace

शनिवार, 29 सितंबर 2018

ख़त

थी इक नई जलन सीजब ख़त जला पुराना,
लपटों में दिख रहा थागुज़रा हुआ ज़माना !

सोचा कि फ़िर से इक ख़तलिख करके मैं जला दूँ,
जो भूल सब गया हैमैं भी उसे भुला दूँ !

मुश्किल ये कशमकश थीमुश्किल ये फ़ैसला था,
जब हर्फ़ वो जले थेमैं साथ में जला था !

थी राख में नुमाया उस चेहरे की बनावट,
जलकर भी मिट न पाईउन हाथों की लिखावट !

जिन उँगलियों से लिक्खेतुमने हज़ार वादे,
जिन हाथों की हिना में महके मेरे इरादे !

उस याद के धुएँ में महकी वही हिना है,
मैं जिसकी हर ख़ुशी था, वो ख़ुश मेरे बिना है !

इस राख में सुलगते हैं राज़ अब भी बाक़ी,
एहसास बुझ गए हैं, ‘अल्फ़ाज़’ अब भी बाक़ी !

||| अल्फ़ाज़ |||

ख़त= Letter
ज़माना= Time, World, Era
कशमकश= Struggle, Wrangle, Tug Of War
फ़ैसला= Decision
हर्फ़= Alphabet
राख= Ashes
नुमाया= Apparent, Conspicuous, Prominent, Visible
हिना= Henna
इरादे= Intentions, Will, Desires
एहसास= Feeling

सोमवार, 21 मई 2018

तसव्वुर-ए-ग़ज़ल !!!

तू न आये, मुझपे तेरा इल्ज़ाम तो आये,
मेरी दीवानगी मेरे भी कुछ काम तो आये !

तू दुआ न सही, बद-दुआ ही दे दे मुझे,
कि तेरे लबों पर मेरा नाम तो आये !

मुझे भी दीवाना कहें, लोग पत्थर मारें,
तेरी आशिक़ी में मेरा वो मक़ाम तो आये !

अभी होश में हूँ मैं, कुछ समझ नहीं आता,
याद सब आ जाएगा, पहले जाम तो आये !

दवा देना है तो दे वरना ज़हर ही दे दे,
मरीज़-ए-इश्क़ को अब आराम तो आये !

कई राज़ मुन्तज़िर हैं कहे जाने को,
जवाब सारे तैयार हैं मगर सलाम तो आये !

तमाशा इश्क़ का हो तो सारी दुनिया देखे,
मेरी तसव्वुर-ए-ग़ज़ल सर-ए-आम तो आये !

मेरा नाम ले के तुझको कोई बदनाम कर दे,
'फ़राज़' के नाम के साथ तेरा नाम तो आये !

||| फ़राज़ |||

इल्ज़ाम= Blame, Accusation
दीवानगी= Madness, Lunacy, Insanity
बद-दुआ= Curse
लब= Lips
आशिक़ी= Love, State Of Being In Love Courtship
मक़ाम= Place, Position
होश= Sense
जाम= Glass Of Wine
मरीज़-ए-इश्क़= Sick Of Love
राज़= Secret
मुन्तज़िर= Expectant, One Who Waits
सलाम= Salutation
तसव्वुर-ए-ग़ज़ल= Imagination/ Contemplation Of An Ode/ Gazal
सर-ए-आम= In Public
बदनाम= Defame

रविवार, 6 मई 2018

!!! अल्फ़ाज़ !!!

तो क्या हुआ जो ये जहाँ नाराज़ हो गया,
मैं ख़ुद से राज़ी हुआ तो 'अल्फ़ाज़' हो गया !

एक राज़ कहते-कहते मैं रुक जाता था अक्सर,
लेकिन ग़ज़ल में ज़ाहिर हर राज़ हो गया !

तू बन गया था मेरे अंजाम का सबब,
जब तू गया तो मेरा आग़ाज़ हो गया !

पंखों की बंदिशें और पैरों की बेड़ियाँ,
सब तोड़ मेरा हौसला परवाज़ हो गया !

बदल हम दोनों गए बस फ़र्क़ है इतना,
तू ख़ुदगर्ज़ हो गया, मैं बेनियाज़ हो गया !

मेरी वजह से तुझसे दुनिया को हैं गिले,
ग़म-ए-हयात मेरा कारसाज़ हो गया !

एक पल में छोड़ जाती है रूह जिस्म को,
 बुलबुले, क्यूँ ख़ुद पे तुझे नाज़ हो गया !

इज़्ज़त, दुआ, सुकून, और मेयार, सब मिला,
क़िस्मत से मुझे हासिल नाम-ए-फ़राज़ हो गया !

||| फ़राज़ |||


नाराज़= Displeased, Offended
राज़ी= Satisfied, Agreed, Pleased
राज़= Secret
ज़ाहिर= Open, Evident
अंजाम= Fate, End, Result
सबब= Cause, Reason, Ground
आग़ाज़= Beginning, Commencement.
बंदिशें= Restrictions
बेड़ियाँ= Chains, Shackles.
हौसला= Courage, Morale, 
परवाज़= Flight
फ़र्क़= Difference.
ख़ुदगर्ज़= Selfish, Self-Interested.
बेनियाज़= Carefree, Without Want, Independent.
गिले= Complaints, Lamentations.
ग़म-ए-हयात= Sorrows Of Life
कारसाज़= Benefactor, Guardian, Doer.
रूह= Soul, Spirit
जिस्म= Bode, Substance.
बुलबुले= Bubble
नाज़= Pride
मेयार= Standard
हासिल= Gain
नाम-ए-फ़राज़= Name Of Faraaz (In Respect Of The Great Urdu Poet Ahmed Faraz Sir)