ज़िन्दगी
में जीतने का राज़ तू ये जान ले,
हार
है गर मान ले, जीत है गर ठान ले !
चाहता
है कुछ अगर, न फ़िक्र कर, बस कर गुज़र,
पहचान
ले दुनिया तुझे, गर ख़ुद को तू पहचान
ले !
रोज़-ओ-शब्, शाम-ओ-सहर, भटका किया तू दर-ब-दर,
लौट
के घर आएगा , तू ख़ाक दर-दर छान ले !
बोझ
ले कर घूमता है क्यूँ तू सारी ज़िन्दगी,
मुख़्तसर सा है सफ़र, तू मुख़्तसर सामान ले !
पायेगा तू दिल का सुकूँ, गर बात ये समझेगा तू,
औरों
की ग़लती माफ़ कर, अपनी हो ग़लती मान ले !
अल्लाह को है मानता, अल्लाह की न मानता,
मान
लेगा वो तेरी, पहले तू उसकी मान ले !
वक़्त ये मुश्किल सही, 'अल्फ़ाज़' ये कट जायेगा,
||| अल्फ़ाज़ |||
राज़
= Secret
गर = If
ठान
= Determine
फ़िक्र
= Worry
रोज़-ओ-शब्
= Day And Night
शाम-ओ-सहर
= Morning And Evening
दर-ब-दर = From Door To
Door, Everywhere
ख़ाक
= Dust/ Ashes
दर-दर
= Door To Door
मुख़्तसर
= Brief
सामान
= Provision,
Goods, Luggage
सुकूँ = Peace
सुकूँ = Peace