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मंगलवार, 13 नवंबर 2018

ज़िन्दगी

ज़िन्दगी में जीतने का राज़ तू ये जान ले,
हार है गर मान लेजीत है गर ठान ले !

चाहता है कुछ अगर फ़िक्र करबस कर गुज़र,
पहचान ले दुनिया तुझेगर ख़ुद को तू पहचान ले !

रोज़-ओ-शब्शाम-ओ-सहरभटका किया तू दर-ब-दर,
लौट के घर आएगा , तू ख़ाक दर-दर छान ले !

बोझ ले कर घूमता है क्यूँ तू सारी ज़िन्दगी,
मुख़्तसर सा है सफ़रतू मुख़्तसर सामान ले !

पायेगा तू दिल का
 सुकूँगर बात ये समझेगा तू,
औरों की ग़लती माफ़ करअपनी हो ग़लती मान ले !

अल्लाह को है मानता
अल्लाह की न मानता,
मान लेगा वो तेरीपहले तू उसकी मान ले !

वक़्त ये मुश्किल सही, 'अल्फ़ाज़ये कट जायेगा,
ज़िन्दगी मुश्किल नहींगर तू इसे आसान ले !

||| अल्फ़ाज़ |||

राज़ = Secret
गर = If
ठान = Determine
फ़िक्र = Worry
रोज़-ओ-शब् = Day And Night
शाम-ओ-सहर = Morning And Evening
दर-ब-दर = From Door To Door, Everywhere
ख़ाक =  Dust/ Ashes
दर-दर = Door To Door
मुख़्तसर = Brief
सामान = Provision, Goods, Luggage
सुकूँ =  Peace

मंगलवार, 31 अक्टूबर 2017

दुश्वारी!!!

क्या अजब चाहत थी, क्या ग़ज़ब दुश्वारी थी,
घर मेरा मिट्टी का था, बरसात से मेरी यारी थी !
तूफ़ान को भी ख़ुदारा क्यूँ आज ही आना था,
आज ही तो मैंने कश्ती लहरों में उतारी थी !

जब आँख खुली मेरी तो ये इल्म हुआ मुझको
मदहोशी जिसको समझा, वो तो बस ख़ुमारी थी !
न मैंने ही आवाज़ दी, न तुमने मुड़कर देखा,
तुमको भी था ग़ुरूर, मेरी भी कुछ ख़ुद्दारी थी !

जिसकी आतिश में जलकर हम ख़ाक हो गए,
बुझकर भी न बुझ सकी, जाने कैसी चिंगारी थी ! 
'फ़राज़' तेरे इश्क़ को तो नाकाम होना ही था,
तू सुखन का ताजिर था, उसकी नौकरी सरकारी थी !

|||फ़राज़|||

दुश्वारी= Difficulty.
ख़ुदारा= Oh God.
इल्म=Knowledge, Learning.
मदहोशी= Intoxication.
ख़ुमारी= Hangover
ग़ुरूर= Proud
ख़ुद्दारी= Self-respect
आतिश= Fire, Flame
ख़ाक= Dust, Ashes, Worthless.
चिंगारी= Spark, Scintilla.
नाकाम=Unsuccessful, Failure.
सुखन= Speech, Language, Words,
ताजिर= Trader.