अब राज़
नहीं ये संभलता है,
दिल जलता है तो जलता है !
ये इश्क़ की आँच है धीमी सी,
दिल हौले-हौले जलता है !
हाय ये
हमको हुआ है क्या,
तेरा न
होना खलता है !
तेरी ज़िद
के अंगारों पर,
दिल नंगे
पाँव टहलता है !
दिल को
आरामें रास कहाँ,
दिल तड़पे
तो ही बहलता है !
वो आँखों
का है जादूगर,
आँखों से मुझको छलता है !
जब चोरी
पकड़ी जाती है,
वो हँस के
बात बदलता है !
'अल्फ़ाज़' तू गर्मी जारी रख,
वो हौले-हौले पिघलता है !
||| अल्फ़ाज़ |||
आँच = Flame,
Warmth
हौले-हौले = Slowly,
Gradually, Gently,
रास = Be Suitable, Accept, Agree
छल = Deceit, Deception, Trick,
जारी = Continue,
Proceed