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रविवार, 10 फ़रवरी 2019

इश्क़ की आँच

अब राज़ नहीं ये संभलता है,
दिल जलता है तो जलता है !

ये इश्क़ की आँच है धीमी सी,
दिल हौले-हौले जलता है !

हाय ये हमको हुआ है क्या,
तेरा न होना खलता है !

तेरी ज़िद के अंगारों पर,
दिल नंगे पाँव टहलता है !

दिल को आरामें रास कहाँ,
दिल तड़पे तो ही बहलता है !

वो आँखों का है जादूगर,
आँखों से मुझको छलता है !

जब चोरी पकड़ी जाती है,
वो हँस के बात बदलता है !

'अल्फ़ाज़' तू गर्मी जारी रख,
वो हौले-हौले पिघलता है !

||| अल्फ़ाज़ |||

आँच = Flame, Warmth
हौले-हौले = Slowly, Gradually, Gently,
रास = Be Suitable, Accept, Agree
छल = Deceit, Deception, Trick,
जारी = Continue, Proceed