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शनिवार, 3 नवंबर 2018

मंज़र

एक सवाल में उलझा हूँ उम्र भर से मैं,
कि मंज़र गुज़र जाता है या मंज़र से मैं !

यहाँ अभी न हिंदू
, न मुसलमान हूँ मैं,
शहर मुझसे अजनबी है और शहर से मैं !

इंसान से तो सीखा है ख़ुदगर्ज़ होना,
सख़ावत तो सीखा हूँ शजर से मैं !

मैं कहीं रहूँदिल तो घर पे रहता है,
न घर मुझसे दूर है, न घर से मैं !

कोई माटी का तो कोई बुत तसव्वुर का,
डरता हूँ अपने ही बनाये डर से मैं !

वो आ के थम जाएगी मेरे साहिल पर,
उम्मीद लगाये बैठा था एक लहर से मैं !

हर मील का पत्थर ये गवाही देगा,
कि सफ़र मुझसे था या सफ़र से मैं !

मर्तबे बिकते नहीं हैं  बाज़ारों में,
'अल्फ़ाज़बना हूँ अपने हुनर से मैं !

||| अल्फ़ाज़ |||

मंज़र= Scene, View
ख़ुदगर्ज़= Selfish
सख़ावत= Generosity
शजर= Tree
माटी= Mud, Clay, Silt
बुत= Idol
तसव्वुर= Imagination
मर्तबा= Account, Class, Degree, Office
हुनर= Art, Skill, Talent

रविवार, 6 मई 2018

!!! अल्फ़ाज़ !!!

तो क्या हुआ जो ये जहाँ नाराज़ हो गया,
मैं ख़ुद से राज़ी हुआ तो 'अल्फ़ाज़' हो गया !

एक राज़ कहते-कहते मैं रुक जाता था अक्सर,
लेकिन ग़ज़ल में ज़ाहिर हर राज़ हो गया !

तू बन गया था मेरे अंजाम का सबब,
जब तू गया तो मेरा आग़ाज़ हो गया !

पंखों की बंदिशें और पैरों की बेड़ियाँ,
सब तोड़ मेरा हौसला परवाज़ हो गया !

बदल हम दोनों गए बस फ़र्क़ है इतना,
तू ख़ुदगर्ज़ हो गया, मैं बेनियाज़ हो गया !

मेरी वजह से तुझसे दुनिया को हैं गिले,
ग़म-ए-हयात मेरा कारसाज़ हो गया !

एक पल में छोड़ जाती है रूह जिस्म को,
 बुलबुले, क्यूँ ख़ुद पे तुझे नाज़ हो गया !

इज़्ज़त, दुआ, सुकून, और मेयार, सब मिला,
क़िस्मत से मुझे हासिल नाम-ए-फ़राज़ हो गया !

||| फ़राज़ |||


नाराज़= Displeased, Offended
राज़ी= Satisfied, Agreed, Pleased
राज़= Secret
ज़ाहिर= Open, Evident
अंजाम= Fate, End, Result
सबब= Cause, Reason, Ground
आग़ाज़= Beginning, Commencement.
बंदिशें= Restrictions
बेड़ियाँ= Chains, Shackles.
हौसला= Courage, Morale, 
परवाज़= Flight
फ़र्क़= Difference.
ख़ुदगर्ज़= Selfish, Self-Interested.
बेनियाज़= Carefree, Without Want, Independent.
गिले= Complaints, Lamentations.
ग़म-ए-हयात= Sorrows Of Life
कारसाज़= Benefactor, Guardian, Doer.
रूह= Soul, Spirit
जिस्म= Bode, Substance.
बुलबुले= Bubble
नाज़= Pride
मेयार= Standard
हासिल= Gain
नाम-ए-फ़राज़= Name Of Faraaz (In Respect Of The Great Urdu Poet Ahmed Faraz Sir)