सवालों को यूँ हल कर देता हूँ,
ख़यालों को ग़ज़ल कर देता हूँ !
दुनिया
से जो मैंने सीखा है,
काग़ज़ पे नक़्ल कर देता हूँ
ठोकर की तराशों से
ख़ुद को,
मैं
ताजमहल कर देता हूँ !
किरदार
चराग़ सा
है मेरा,
एक नूर मैं जल
कर देता हूँ !
होता
है वही जो लिखा है,
मैं
तो बस अमल कर देता हूँ !
हक़ बात पे क़ाएम रहता
हूँ,
तजवीज़ संभल कर देता हूँ !
'फ़राज़' मैं हूँ एक आईना,
तफ़्सील मुकम्मल देता हूँ !
|||
फ़राज़ |||
सवाल= Questions, Query
ख़याल= Thought
काग़ज़= Paper
नक़्ल= Narrative, Copying,
ठोकर= Obstacle,
Kick, Stumble
तराश= Chisel, Carver
किरदार= Character,
चराग़= An Oil Lamp
नूर= Light, Splendour
अमल= Act
हक़= Truth
क़ाएम= Stay,
Permanence
तजवीज़= Suggestion
आईना= The Mirror
तफ़्सील = Detail, Analysis
मुकम्मल= Complete, Perfect