न
रंग, न रूप, न सिंगार का रखिए,
ध्यान
तो महज़
किरदार का रखिए !
वक़्त से कहिए कि ठहर जाए ज़रा,
कुछ अदब उनके दीदार का रखिए !
प्यार में ख़ुद ही बिक मत जाना,
सलीक़ा दिल के व्यापार का रखिए !
कुछ राज़ तो महज़ राज़ ही रखिए,
ये
एक हुनर
अख़बार का रखिए !
जिस्म की क़ीमत पे ग़ैरत नहीं बिकती,
एहतिराम
हुस्न के बाज़ार का रखिए !
मज़हब को ही बनाएंगे सियासत का तुरुप,
'अल्फ़ाज़' भरोसा इस सरकार का रखिए !
||| अल्फ़ाज़ |||
||| अल्फ़ाज़ |||
सिंगार
= Make Up
महज़
= Merely, Only
किरदार
= Character
अदब
= Respect, Courtesy
दीदार
= Appearance, Sight, Seeing
सलीक़ा
= Good Manners, Discreet Of Good
Disposition
व्यापार
= Trade, Business
राज़
= Secret
हुनर
= Art, Skill, Accomplishment,
Knowledge
अख़बार
= Newspaper
जिस्म
= Body, Substance
क़ीमत
= Cost, Price, Value
ग़ैरत
= Shame, Modesty, Honor,
Self-Respect
एहतिराम
= Respect, Honoring, Paying
Attention
हुस्न
= Beauty, Comeliness, Elegance
बाज़ार
= Market
मज़हब
= Religion
सियासत
= Politics
तुरुप
= Trump
सरकार
= Government