ऐ ख़ुदा, हुनर तू मुझे इतना दे दे,
मेरे
अहसास को लफ़्ज़ों में तर्जुमा दे दे !
ताउम्र भटकता रहा हूँ मुहाजिर जैसा,
ज़िन्दगी
की सख़्तियों को सायबान दे दे !
नस्ल-ए-आदम का हर राज़ जानने वाले,
मुझको भी
अपनी हस्ती के निशां दे दे !
वसाविस की गिरफ़्त में है हस्ती मेरी,
मेरे
दिल को कोई नेक मशवरा दे दे !
ले
इम्तिहान तू बेशक़, पर इल्तिजा भी सुन,
सब्र
करने का तू मुझे हौसला दे दे !
ये कैसी आज़माइश, कि रूह भी क़ैद है,
मेरी परवाज़ को तू मेरा आसमान दे दे !
रूह झुलसी
है सफ़र-ए-आतिशां करते,
मेरी आवारगी को तू आशियाँ दे दे !
बहुत रुसवा हैं तेरा सजदा करने वाले,
ख़ुदारा इस क़ौम को भी तू कर्बला दे दे !
गुनाह भी
करता है और तेरा सजदा भी,
मौला 'फ़राज़' को इबादत का सलीक़ा दे दे !
|||फ़राज़|||
तर्जुमा= Translation.
ताउम्र= Lifelong.
All life.
मुहाजिर= Refugee,
Emigrant.
सख़्तियां= Hardships,
Rigidities.
नस्ल-ए-आदम= Ancestry
of Adam.
निशां= Mark,
Sign.
वसाविस= Evil
thoughts, Bad thoughts.
गिरफ़्त= Lock,
Objection
मशवरा= Consultation,
Suggestion.
इल्तिजा= Request,
Plead.
आज़माइश= Examination,
Trail, Test.
परवाज़= Flight.
सफ़र-ए-आतिशां= Journey
of fire.
आवारगी= Wandering,
Waywardness.
आशियाँ= Nest,
Shelter
ख़ुदारा= O God.
क़ौम= Tribe,
Race, People.
कर्बला= A
place in Iraq where Imam Hussain was assassinated and buried in
a holy war.
रुसवा=
Dishonored, Despondent.
सजदा= Bowing
in Prayer so as to touch the ground with the forehead.
मौला= God.
सलीक़ा= Good
manner, Discreet of good disposition.