SHIDDAT लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
SHIDDAT लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, 22 अप्रैल 2019

सच


इस दौर में वो सच कहता है,
मोमिन है या रिन्दना है !

सब सह कर हँसता रहता है,
पागल है या दीवाना है !

क्यूँ सिक्के जोड़ा करता है,
तुझको एक दिन मर जाना है !

किस शिद्दत से प्यासा होगा,
वो साग़र हो के तिश्ना है !

तरकीबें लाख लगाओ तुम,
जो होना है वो होता है !

एक बार तो मरने से पहले,
दिखला दे कितना ज़िन्दा है !

कुछ झूठे हमसे कहते हैं,
'अल्फ़ाज़तू कितना झूठा है !

तू ख़ुद को झूठा कहता है,
'अल्फ़ाज़तू कितना सच्चा है !

||| अल्फ़ाज़ |||
दौर = Time, Era, युगसमय
मोमिन = Believer, इश्वर में विश्वास रखने वाला
रिन्दना = Drunk, नशे में
शिद्दत = Vehemence, Severity
साग़र = Wine-Cup, Goblet, शराब का प्याला
तिश्ना = Thirsty, Insatiable, प्यासातृषित,
तरकीब = Method, Trick, युक्ति

सोमवार, 25 जून 2018

जुनूँ !!!

कोई और जुनूँ न हुआ इस शिद्दत की तरह,
तू लगने लगा है मुझको मोहब्बत की तरह !

माना कि मैं बुरा हूँ तो चल बुरा ही सही,
मुझे न छोड़ पायेगा तू बुरी आदत की तरह !

तेरे नाज़-नख़रों के सवाली और भी होंगे,
कौन चाहेगा तुझे मेरी चाहत की तरह !

तेरी गर्दिश मेरे दिल में है धड़कन जैसी,
तेरा एहसास इतवार की फ़ुर्सत की तरह !

बेचैनियाँ यूँ तो हैं दो जहान की मुझको,
तू पुर-सुकूँ किसी नेक सोहबत की तरह !

तेरे ख़याल से मन में बहार आ जाती है,
तू साथ है तो ज़िन्दगी है जन्नत की तरह !

यूँ तो ‘फ़राज़’ ने कमाए हैं इल्ज़ाम कई,
कभी तू भी तो मुझपे आ किसी तोहमत की तरह !

 ||| फ़राज़ |||

जुनूँ= Frenzy/ Madness/ Infatuation
तरह= Manner, Mode
शिद्दत= Force, Vehemence, Severity
नाज़-नख़रों=  Pride, Grace And Tantrums
सवाली= A Beggar, A Petitioner
गर्दिश= Rotation, Circulation
एहसास= Feeling
फ़ुर्सत= Leisure, Rest
बेचैनियाँ= Restlessness.
जहान= World
पुर-सुकूँ= Peaceful
नेक= Good, Virtuous.
सोहबत= Company
बहार= Spring, Bloom
इल्ज़ाम= Blame
तोहमत= Allegation, Accusation

शनिवार, 21 अप्रैल 2018

मनमर्ज़ियाँ !!!

ज़िन्दगी को ज़िन्दगी की वजह चाहिए,
जैसे अधूरी ग़ज़ल को क़ाफ़िया चाहिए !

मनमर्ज़ियों को चाहिए आज़ादियाँ सारी,
अब फ़राज़ को फ़राज़ का मर्तबा चाहिए !

इबादत में चाहिए इतनी शिद्दत,
कि रु-ब-रु नमाज़ में ख़ुदा चाहिए !

मन को सुकून चाहिए मस्जिद जैसा,
हक़ीक़त में किताबों सा ख़ुदा चाहिए !

बे-ख़्वाब हो चली हैं आँखें मेरी,
अब तो इस रात की सुबह चाहिए !

बिन बोले जिसे सब समझ जाते थे,
बे-लफ्ज़ वही बचपन की ज़बाँ चाहिए !

झूठी हंसी का बोझ अब उठता नहीं मुझसे,
ज़िन्दगी को फिर कोई कहकहा चाहिए !

कैसे करूँ यक़ीन कि वो बेवफ़ा है फ़राज़’,
जुदाई की कोई झूठी वजह चाहिए !

||| फ़राज़ |||

वजह (Wajah) = Cause, Reason
क़ाफ़िया (Qaafiya) = Rhyme, The Last Or Second Last Words Of Each Verse Is Called Qaafiyaa
मनमर्ज़ियां (Manmarziyan) = Heart’s Desires
आज़ादियाँ (Aazadiyan) = Independencies, Freedom
फ़राज़ (Faraaz) = Height, Elevation, 
फ़राज़ (Faraaz) = Pen Name, 
मर्तबा (Martaba) = Class, Degree, Position
इबादत (Ibadat) = Prayer, Adoration
शिद्दत (Shiddat) = Intensity, Passion, Force
रु-ब-रु (R-Ba-Ru) = Face To Face, In Person, In Front Of.
सुकून (Sukoon) = Peace, Tranquility
हक़ीक़त (Haqiqat) = Reality, 
बे-ख़्वाब (Be-Khwab) = Without A Dream, Dreamless, Sleepless.
बे-लफ्ज़ (Be-Lafz) = Without A Word, Wordless.
ज़बाँ (Zabaan) = Tongue, Speech
कहकहा (Kahkaha) = Loud And Hearty Laugh
यक़ीन (Yaqeen) = Believe, Trust
बेवफ़ा (Bewafa) = Faithless, Treacherous.
जुदाई (Judaai) = Separation

मंगलवार, 20 फ़रवरी 2018

!!! दिल-ए-फ़ित्ना !!!

नहीं सुनता मैं अब दिल की, स्याना हो गया हूँ मैं,
इसी दिल में तो मुझको इश्क़ की चाहत में डाला था !

ज़हन ने लाख रोका थादिल-ए-फ़ित्ना सुनता था,
दिल-ए-फ़ित्ना ही था जिसने हमें उल्फ़त में डाला था !

क्यूँ दें इल्ज़ाम हम इन्सान को फ़ितनापरस्ती का,
पहल फ़ित्ना तो इब्लीस ने जन्नत में डाला था !

सबब हैरानियों का था तेरा पहले-पहल मिलना,
तेरे ही रुख़ बदलने ने मुझे हैरत में डाला था !

तेरे ही इश्क़ ने हमको बराह-ए-रास्त दिखलाई,
तेरे ही फ़िराक़ ने हमको बुरी सोहबत में डाला था !

जगा करते थे रातों को, गिना करते थे हम तारे,
तेरे ही इश्क़ ने हमको अजब कसरत में डाला था !

वो एक दरिया जो ज़रिया था मेरी हर एक तसल्ली का,
उस ही दरिया ने हमको प्यास की शिद्दत में डाला था !

जवाब बनके हैं लौटे 'फ़राज़काग़ज़ के वो पुर्ज़े,
जो ख़त इज़्हार-ए-इश्क़ की हसरत में डाला था !

||| फ़राज़ |||

स्याना= Wise, Clever, Shrewd
ज़हन= Mind
दिल-ए-फ़ित्ना= Tempted Heart
उल्फ़त= Love Affection
इल्ज़ाम= Blame,
फ़ितनापरस्ती= Worshiping of temptation.
पहल= Begining, First, Initiative.
फ़ित्ना= Temptation
इब्लीस= Satan, The Devil.
जन्नत= Heaven, Paradise.
सबब= Cause, Reason.
हैरानियां= Amazements, Astonishments, Wonders.
पहले-पहल= Initially, Firstly, Begining.
रुख़= Appearance, Face, Direction.
हैरत= Astonishment, Wonder.
बराह-ए-रास्त= Directing/ Guiding path. The Right Way.
फ़िराक़= Separation, Absence, Departing.
सोहबत= Company, Asociation.
अजब= Strange
कसरत= Exercise
दरिया= River.
ज़रिया= Source
तसल्ली= Solace
शिद्दत= Vehemence, Severity.
काग़ज़= Paper.
पुर्ज़े= Shreds, Pieces.
ख़त= Letter
इज़्हार-ए-इश्क़= To express love.
हसरत= Desire.