मंगलवार, 23 जुलाई 2019

अमल

ज़िन्दगी की पहेली यूँ हल कीजिये,
जो ज़रूरी है उसपे अमल कीजिये !

||| अल्फ़ाज़ |||

अमल = Act, Process, कार्यकर्म,

शनिवार, 20 जुलाई 2019

तुम !


यूँही नहीं आती मेरे होंठों पे तबस्सुम,
चेहरा जो खिला है मेरा इसकी वजह हो तुम !

मेरे हज़ार
 शौक़ है जिनकी हो तुम तलब,
मुझको हज़ार मर्ज़ हैं जिनकी दवा हो तुम !

छू कर के जब भी गुजरीं, आराम आ गया,
सहराओं की तपिश में ठंडी हवा हो तुम !

एक दूसरे के हक़ में करते हैं हम दुआ,
मैं हूँ दुआ तुम्हारीमेरी दुआ हो तुम !

बर्बादियों का मेरी मुझको गिला नहीं,
मेरे सभी ख़सारों का इक नफ़ा हो तुम !

आए हो देर से पर आए हो तुम दुरुस्त,
माँगा था इक सितारा और कहकशाँ हो तुम !

रिश्ता ये दो दिलों का है कितना मुबारक,
मैं हूँ रज़ा तुम्हारी और मेरी रज़ा हो तुम !

अब हमको ज़िन्दगी से कोई गिला नहीं,
'अल्फ़ाज़के सबर का बेहतर सिला हो तुम !

||| अल्फ़ाज़ |||

तबस्सुम = Smile, मुस्कुराहट, मुस्कान
वजह = Cause, Reason, कारण
शौक़ = Fondness, Desire, रूचि
तलब = Demand, Desire, याचना, चाह
मर्ज़ = Sickness, Disease, रोग
सहरा = Desert, Wilderness रेगिस्तान,
तपिश = Heat, गर्मी, ताप
हक़ = Favor, पक्ष
गिला = Complaint
ख़सारा = Loss, हानि
नफ़ा = Profit, लाभ
दुरुस्त = Proper, Correct, शुद्ध, उचित, मौजू
कहकशाँ = The Milky Way, Galaxy
मुबारक = Auspicious, शुभान्वितकल्याणकारी,
रज़ा = Desire, Will, Wish, इच्छा, अभिलाषा, चाहत 
सबर = Patience, धैर्य
सिला = Reward, पुरुस्कार, प्रतिफल

शुक्रवार, 19 जुलाई 2019

आमाल

जब काम बुरा मैं करता हूँ,
तब आईने से डरता हूँ !

कल से अच्छा बन जाऊँगा,
कह कर के रोज़ मुकरता हूँ !

वो जो मेरा गुज़रा कल है,
मैं उससे रोज़ गुज़रता हूँ !

इल्ज़ाम किसीको क्यूँ मैं दूँ,
मैं करता हूँमैं भरता हूँ !

जीने की ख़ातिर इश्क़ किया,
अब इश्क़ की ख़ातिर मरता हूँ !

डर है अपने आमालों का,
वरना कब मौत से डरता हूँ !

मैं अपने सच से वाक़िफ़ हूँ,
'अल्फ़ाज़मैं ख़ुद से डरता हूँ !

||| अल्फ़ाज़ |||

इल्ज़ाम = Allegation, Blame, आरोप
ख़ातिर = For The Sake Of.
आमाल = Deeds, Conducts, कर्म, व्यवहार
वाक़िफ़ = Acquainted With, Aware Of, Informed, जानकार

रविवार, 14 जुलाई 2019

उर्दू


लफ़्ज़ों में ख़ुशबू होती है,
फूलों सी उर्दू होती है !

||| अल्फ़ाज़ |||

लफ़्ज़ = Word, शब्द

शनिवार, 13 जुलाई 2019

बरसात


हमारी शायरी में फ़िर तुम्हारी बात आती है,
बहुत कुछ याद आता है कि जब बरसात आती है !

||| अल्फ़ाज़ |||

बुधवार, 10 जुलाई 2019

वादा

आग से आग को जब जलाया गया,
इश्क़ कह करके उसको बुलाया गया !

जबसे शोला हवा का दिवाना हुआ,
और भड़का वो जितना बुझाया गया !

याद रखना हमें हम बिछड़ जो गए,
इक ये वादा हमेशा निभाया गया !

मेरी क़दमों की आहट नहीं याद तो,
चौंक कर के क्यूँ सर को उठाया गया !

याद आई मुलाकात एक शाम की,
फूल जुड़े में जब भी लगाया गया !

कुछ को इबरत मिलीकुछ को राहत मिली,
शेर 'अल्फ़ाज़का जब सुनाया गया !

||| अल्फ़ाज़ |||

शोला = Blaze, Flame,
जूड़ा = Hair Bun
इबरत = Lesson, Warning, Example, सीख
राहत = Rest, Comfort, Ease, आराम, चैन
शेर = Couplet

रविवार, 7 जुलाई 2019

ठिकाना

तुम्हारी निगाहों में देखा तो ये जाना,
यहीं है ठहरनायहीं है ठिकाना !

||| अल्फ़ाज़ |||

गुरुवार, 4 जुलाई 2019

हम-तुम


तन्हाई होआराम हो,
बस हम-तुम होंऔर शाम हो !

हम पियें नज़र से दिल भर के,
उनकी आँखों का जाम हो !

वो होंठ गुलाब से खिलते हैं,
जब उन पर मेरा नाम हो !

हमने उनकी नींदें ले लीं,
हम पर भी ये इल्ज़ाम हो !

वो रूठें पर रास्ता देखें,
हम पर उनके इनआ' हो !

हर छुपा हुनर हम दिखलायें,
उनको हमसे कुछ काम हो !

'अल्फ़ाज़ये शर्त-ए-मोहब्बत है,
मशहूर है जो बदनाम हो !

||| अल्फ़ाज़ |||

तन्हाई = Loneliness, Privacy, Solitude, एकांत
जाम = Glass Of Wine, Goblet, मदिरापात्र
इल्ज़ाम = Allegation, Blame, आरोप
इनआ'= Prize, Reward, पुरुस्कार
हुनर = Talent, Skill, Art, कला
शर्त-ए-मोहब्बत = Condition/Term Of Love
मशहूर = Famous, Renowned, प्रसिद्द 
बदनाम = Infamous, Defame, कुख्यात

रविवार, 30 जून 2019

बातें


ये मंदिरये मस्जिदशिवालों की बातें
नहीं होने देतीं निवालों की बातें !

चलो आओ रस्ता अमन का निकालें,
बहुत हो चुकी हैं वबालों की बातें !

कितनी मुश्किल में हैं ये शहर के बशर,
कितनी आसान हैं गाँव वालों की बातें !

जो कमतर हैं उनको बुरा ही लगेगा,
चराग़ों से न कर मशालों की बातें !

इस शग़ल में मेरा आज कल बन गया,
सोचता मैं रहा गुज़रे सालों की बातें !

ग़ज़ल कोई लिक्खा करो तुम सुकूँ की,
बहुत लिख चुके तुम मलालों की बातें !

मोहब्बत के क़िस्सेवफ़ा की कहानी,
हैं सारी की सारी ख़यालों की बातें !

आज मेरी ग़ज़ल फिर घटा बना गई,
आज मैंने लिखीं उनके बालों की बातें !

अपनी सुर्ख़ी पे उसको भरम न रहा,
शाम ने जब सुनी उनके गालों की बातें !

देख कर आईना ख़ुद पे करना गुमाँ,
ये तो 'अल्फ़ाज़हैं हुस्नवालों की बाते !

||| अल्फ़ाज़ |||

शिवाला = A Temple/Shrine Dedicated To Lord Shiva
निवाला = Morsel, Mouthful, कौर
अमन = Peace, शांति
वबाल = Calamity, Ruin, कष्टझंझट
बशर = Man, Human Being, मनुष्य
कमतर = Lesser, Inferior, अवर, निम्न
चराग़ = An Oil Lamp, दीपकदिया
मशाल = Torches, Flames
शग़ल = Hobby, कामव्यस्तता
सुकूँ = Peace, Quietness, शांति
मलाल = Regret, Grief, Sorrow, दुःखकष्ट वैमनस्य
क़िस्सा = Tale, Story
वफ़ा = Fulfillment, Fidelity, प्रतिज्ञा पालननिबाह,
ख़याल = Thought, Imagination, कल्पनाविचार,
घटा = Clouds, Cloudiness
सुर्ख़ी = Redness, लालिमा
भरम = Reputation, Esteem, Trust, Secret
गुमाँ = Doubt, Suspicion, गुमानघमंड