ये
मंदिर, ये
मस्जिद, शिवालों की बातें,
नहीं
होने देतीं निवालों की बातें !
चलो
आओ रस्ता अमन का निकालें,
बहुत
हो चुकी हैं वबालों की बातें !
कितनी
मुश्किल में हैं ये शहर के बशर,
कितनी
आसान हैं गाँव वालों की बातें !
जो कमतर हैं उनको बुरा ही लगेगा,
चराग़ों से न कर मशालों की बातें !
इस शग़ल में मेरा आज कल बन गया,
सोचता मैं रहा गुज़रे सालों
की बातें !
ग़ज़ल
कोई लिक्खा करो तुम सुकूँ की,
बहुत
लिख चुके तुम मलालों की बातें !
मोहब्बत
के क़िस्से, वफ़ा की कहानी,
हैं
सारी की सारी ख़यालों की बातें !
आज
मेरी ग़ज़ल फिर घटा बना गई,
आज
मैंने लिखीं उनके बालों की बातें !
अपनी सुर्ख़ी पे
उसको भरम न रहा,
शाम
ने जब सुनी उनके गालों की बातें !
देख
कर आईना ख़ुद पे करना गुमाँ,
ये
तो 'अल्फ़ाज़' हैं हुस्नवालों की बाते !
||| अल्फ़ाज़ |||
शिवाला
= A Temple/Shrine Dedicated To Lord Shiva
निवाला
= Morsel, Mouthful, कौर
अमन = Peace, शांति
वबाल
= Calamity,
Ruin, कष्ट, झंझट
बशर = Man, Human Being, मनुष्य
कमतर
= Lesser,
Inferior, अवर, निम्न
चराग़ = An Oil Lamp, दीपक, दिया
मशाल = Torches, Flames
शग़ल = Hobby, काम, व्यस्तता
सुकूँ
= Peace, Quietness, शांति
मलाल
= Regret, Grief,
Sorrow, दुःख, कष्ट वैमनस्य
क़िस्सा
= Tale, Story
वफ़ा = Fulfillment, Fidelity, प्रतिज्ञा
पालन, निबाह,
ख़याल = Thought, Imagination, कल्पना, विचार,
घटा = Clouds, Cloudiness
सुर्ख़ी = Redness, लालिमा
भरम = Reputation,
Esteem, Trust, Secret
गुमाँ
= Doubt,
Suspicion, गुमान, घमंड