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गुरुवार, 4 जुलाई 2019

हम-तुम


तन्हाई होआराम हो,
बस हम-तुम होंऔर शाम हो !

हम पियें नज़र से दिल भर के,
उनकी आँखों का जाम हो !

वो होंठ गुलाब से खिलते हैं,
जब उन पर मेरा नाम हो !

हमने उनकी नींदें ले लीं,
हम पर भी ये इल्ज़ाम हो !

वो रूठें पर रास्ता देखें,
हम पर उनके इनआ' हो !

हर छुपा हुनर हम दिखलायें,
उनको हमसे कुछ काम हो !

'अल्फ़ाज़ये शर्त-ए-मोहब्बत है,
मशहूर है जो बदनाम हो !

||| अल्फ़ाज़ |||

तन्हाई = Loneliness, Privacy, Solitude, एकांत
जाम = Glass Of Wine, Goblet, मदिरापात्र
इल्ज़ाम = Allegation, Blame, आरोप
इनआ'= Prize, Reward, पुरुस्कार
हुनर = Talent, Skill, Art, कला
शर्त-ए-मोहब्बत = Condition/Term Of Love
मशहूर = Famous, Renowned, प्रसिद्द 
बदनाम = Infamous, Defame, कुख्यात

रविवार, 30 अक्टूबर 2016

सफ़र

ये और बात है कि सहते सितम रहे,
तेरे ज़िक्र पे बारहा ख़ामोश हम रहे !

दुनिया को ये शिकायत, क्यूँ फ़ासले हैं अब,
हमको तो बस गिला है, क्यूँ पास हम रहे !

ख़ामोश है मुंडेरें, सूनी है एक गली,
थे रूबरू जहाँ पर, हर शाम हम रहे !

उसको मेरी इबारत मशहूर कर गई
जिस नाम के सफ़र में बदनाम हम रहे !


फ़राज़