यूँही
नहीं आती मेरे होंठों पे तबस्सुम,
चेहरा
जो खिला है मेरा इसकी वजह हो तुम !
मेरे हज़ार शौक़ है जिनकी हो तुम तलब,
मुझको हज़ार मर्ज़ हैं जिनकी दवा हो तुम !
छू
कर के जब भी गुजरीं, आराम आ गया,
सहराओं की तपिश में ठंडी हवा हो तुम !
एक
दूसरे के हक़ में करते हैं हम दुआ,
मैं
हूँ दुआ तुम्हारी, मेरी दुआ हो तुम !
बर्बादियों
का मेरी मुझको गिला नहीं,
मेरे
सभी ख़सारों का इक नफ़ा हो
तुम !
आए
हो देर से पर आए हो तुम दुरुस्त,
माँगा
था इक सितारा और कहकशाँ हो तुम !
रिश्ता
ये दो दिलों का है कितना मुबारक,
मैं
हूँ रज़ा तुम्हारी और मेरी रज़ा हो तुम !
अब
हमको ज़िन्दगी से कोई गिला नहीं,
'अल्फ़ाज़' के सबर का बेहतर सिला हो तुम !
||| अल्फ़ाज़ |||
तबस्सुम
= Smile, मुस्कुराहट, मुस्कान
वजह
= Cause, Reason, कारण
शौक़
= Fondness, Desire, रूचि,
तलब
= Demand, Desire, याचना, चाह
मर्ज़
= Sickness,
Disease, रोग
सहरा
= Desert,
Wilderness रेगिस्तान,
तपिश
= Heat, गर्मी, ताप
हक़
= Favor, पक्ष
गिला
= Complaint
ख़सारा
= Loss, हानि,
नफ़ा
= Profit, लाभ
दुरुस्त
= Proper, Correct, शुद्ध, उचित, मौजू,
कहकशाँ
= The Milky Way, Galaxy
मुबारक = Auspicious, शुभान्वित, कल्याणकारी,।
रज़ा
= Desire,
Will, Wish, इच्छा, अभिलाषा, चाहत
सबर
= Patience, धैर्य
सिला
= Reward, पुरुस्कार, प्रतिफल
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें