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बुधवार, 8 मई 2019

इंसान


इंसान से रिश्ता हो जाए,
इंसान फ़रिश्ता हो जाए !

पहला ही क़दम बस मुश्किल है,
चल दो तो रास्ता हो जाए !

फ़िर ज़हन की एक नहीं चलती,
जब दिल वाबस्ता हो जाए !

दिल हार कभी न माने है,
पामालशिकस्ता हो जाए !

हर क़ीमत पर बिक जाता है,
ईमान जो सस्ता हो जाए !

कब लौट के वापस आया है,
जो वक़्त गुज़िश्ता हो जाए !

ये सोच के उसने छोड़ दिया,
शायद कभी सस्ता हो जाए !

वो मिल जाए 'अल्फाज़अगर,
तो ग़ज़ल का मक़्ता हो जाए !

||| अल्फ़ाज़ |||

फ़रिश्ता = An Angel, देवदूत
क़दम = Step, Footstep 
ज़हन = Mind, मस्तिष्क
वाबस्ता = Bound Together, Connected, संबद्ध, संलग्न
पामाल = Ruined, Trampled, नष्ट, तबाह
शिकस्ता = Broken, Defeated, टूटा हुआ, भग्न, खंडित,
क़ीमत = Price, Cost, मूल्य 
गुज़िश्ता = Past, Elapsed, अतीत, बीता हुआ
मक़्ता = The Last Verse Of A Poem, ग़ज़ल का अंतिम छंद

गुरुवार, 11 अक्टूबर 2018

ख़्वाहिशें

मनमर्ज़ियाँ है करतामग़फ़िरत भी चाहिए,
आज़ादियाँ भी चाहिएशरी'अत भी चाहिए !

अपने हर एक गुनाह की, यूँ तो मुझे ख़बर है,
फ़िर भी मुझे नबी की शफ़ा'अत भी चाहिए !

इंसाँ की ख़्वाहिशों की, मत पूछ इंतिहा तू, 
दुनिया के बाद इसको जन्नत भी चाहिए !

दो गज़ ज़मीं भी घर है, महशर के रोज़ तक,
पर दो जहाँ पे इसको हुकूमत भी चाहिए !

अब तक तो मुफ़्त में ही बदनाम मैं हुआ हूँ,
बदनामियों की अब तो क़ीमत भी चाहिए !

पहरों तलक हूँ बिकतालम्हें ख़रीदने को,
दौलत की भी तलब हैफ़ुर्सत भी चाहिए !

इस दिल की चाहतों का आलम तो देखिये,
सूरत के बाद 'अल्फ़ाज़सीरत भी चाहिए !

||| अल्फ़ाज़ ||| 

मनमर्ज़ियाँ= Heart’s Desires
मग़फ़िरत= Absolution, Pardon, Forgiveness
शरीअत= Code Of Conduct-Islamic
नबी= Prophet
शफ़ाअत=  Recommendation By The Prophet On The Doomsday
इंसाँ= Human Being, Mankind
ख़्वाहिश= Wish, Request, Inclination, Will
इंतिहा= Utmost Limit, End, Extremity
ज़मीं= Land
महशर= Day Of Resurrection, A Place Of Rising And Assembling, The Last Day
रोज़= Day
जहाँ= World
हुकूमत= Dominion, Authority
क़ीमत= Price, Value, Cost,
पहर= Unit Of Time. One Pahar Nominally Equals Three Hours
तलब= Demand, Desire,
फ़ुर्सत= Leisure, Freedom, Rest
आलम=  Condition, Situation
सूरत=  Face 
सीरत= Quality, Nature, Character

शुक्रवार, 30 मार्च 2018

!!! दीन !!!

मुफ़्लिसी में अमीरी का हुनर होना भी दीन है,
अपने हालात पर सब्र होना भी दीन है !

यूँ तो इन्सान की फ़ितरत है ख़्वाहिश करना,
अपनी चादर पैरों के बराबर होना भी दीन है !

सारे आलम का इल्म हो, ये ज़रूरी तो नहीं,
पड़ोसी की ख़ैर-ख़बर होना भी दीन है !

इस मादर-ए-ज़मीं के कुछ क़र्ज़ तो चुका,
घर के आँगन में शजर होना भी दीन है !

ख़ाना-ए-काबा की ज़ियारत हो, ये ज़रुरी तो नहीं,
माँ-बाप पर मोहब्बत की नज़र होना भी दीन है !

यूँ तो हर इन्सान से गुनाह हो ही जाता है,
मगर दिल में अल्लाह का डर होना भी दीन है !

संग-ए-मरमर के महलों से भी जन्नत नहीं मिलती,
क़ब्रिस्तान में मिट्टी की क़ब्र होना भी दीन है !

इतना महँगा भी तो नहीं है नेक सलाह देना,
भटके हुओं का रहबर होना भी दीन है !

नज़र को ख़ुदा की तलाश तो हरगिज़ रही है,
मगर अक़ीदे का बे-नज़र होना भी दीन है !

अल्लाह को पसंद है 'अल्फ़ाज़नदामत करना,
अपनी लग़्ज़िशों की ख़बर होना भी दीन है !


||| अल्फ़ाज़ |||

मुफ़्लिसी= Poverty
हुनर= Talent
दीन= Religion, Belief
हालात= State, Condition, The Present Time
सब्र= Patience, Endurance
फ़ितरत= nature
ख़्वाहिश= wish, request, inclination, will
आलम= The Universe, World.
इल्म= Knowledge
ख़ैर-ख़बर= News About Well Being
मादर-ए-ज़मीं= Mother Earth
क़र्ज़= Debt
शजर= Tree
ख़ाना-ए-काबा= The Kaaba Is A Building At The Centre Of Islam's Most Important Mosque, Al-Masjid Al-Ḥarām, In The Hejazi City Of Mecca, Saudi Arabia. It Is The Most Sacred Site In Islam.
ज़ियारत= Pilgrimage, Visiting A Shrine
संग-ए-मरमर=  Sang-E-Marmar, The White Stone, Used To Build Taj Mahal, Comes From A Pyramidal Peak In The Batura Muztagh, At The End Of A Spur Ridge Running Southwest From Pasu Sar In Pakistan. It Lies Between The Muchuhar Glacier, On The West, And The Shispare (Or Hasanabad) Glacier On The East.
महल= A Mansion Or Palace.
क़ब्रिस्तान= Cemetery, Graveyard
क़ब्र= Grave
नेक= Good, Virtuous.
सलाह= Advice
रहबर= Guide
तलाश= Search
हरगिज़= Ever
अक़ीदा= Fundamental Doctrine Of Belief, Tenet
बे-नज़र= Without Sight, 
पसंद= Likeness, Preference
नदामत= Regret, Repentance, Shame
लग़्ज़िश= Blunder, Error, Mistake

मंगलवार, 23 जनवरी 2018

तू बता !!!

मुझको भी ज़िद है ये कि, मैं वक़्त को बदल दूँ,
सूरज की र्दिशों की रफ़्तार तू बता !

फ़िर तेरी अंजुमन में, आया है ज़िक्र मेरा,
चर्चा है किस ख़ता का इस बार तू बता !

यूँ तो हैं सब बराबर, अल्लाह की नज़र में,
महँगा है क्यूँ रूपये से दीनार तू बता !

मुझको भी जाननी हैईमां की मेरे क़ीमत,
किस सम्त है ज़मीर का बाज़ार तू बता !

उस माँ की कोख में तो, बंटवारा न था कोई,
किसने उठाई घर में दीवार तू बता !

कभी मस्जिद के नाम पर, कभी मंदिर के नाम पर,
कब तक चुनेगा यूँही सरकार तू बता !

एक दिन ख़रीदने को, बिकता हूँ छः दिनों तक,
हफ़्ते में क्यूँ है एक ही इतवार तू बता !

पी कर के तू है कहता, कल से नहीं पियूँगा,,
क्यूँ है 'फ़राज़' इतना होशियार तू बता !

||| फ़राज़ |||

ज़िद= Insistence.
गर्दिश= Revolution, Circulation.
रफ़्तार= Speed, Behaviour, Manner
अंजुमन= Society, Party
ज़िक्र= Remembrance, Talk
चर्चा= Gossip, Rumor.
ख़ता= Mistake, Fault
रुपया= Indian Currency.
दीनार= Kuwaiti Currency.
ईमां= Conscience.
क़ीमत= Price, Value.
सम्त= Direction.
ज़मीर= Conscience.
बाज़ार= Market.

सोमवार, 18 दिसंबर 2017

सरफ़राज़ियाँ !!!

बहुत ख़ूबसूरत लगी ज़िन्दगी मुझको,
जब दुनिया को बेसबब हो के देखा !
लगा न सका फ़िर कोई क़ीमत मेरी,
अनमोल हुआ जब सिफ़र हो के देखा !

एक सायबां से सीखा बेग़रज़ होना,
जब धूप में मैंने शजर हो के देखा !
देखना था उस बेशक्ल को 'फ़राज़',
सच को मैंने बेनज़र हो के देखा !

जिस्म के बग़ैर परछाईं कैसी दिखती है ,
अपने लोगों से मैंने अलग हो के देखा !
घर की दीवार भी बेजान नहीं होती,
घर को जाना जब बेघर हो के देखा !

तेरी ग़लतियों को ठहराना था जायज़,
आज मैंने भी ज़रा ग़लत हो के देखा !
अपने दामन के दाग़ भी नज़र आये,
ख़ुदको जब ख़ुद से अलग हो के देखा !

कोई आज़माइश हौसले से बड़ी नहीं होती,
हर मुश्किल को मैंने बेफ़िक्र हो के देखा !
आख़िर आ ही गईं सरफ़राज़ियाँ मेरे हिस्से
'फ़राज़' ने मर्तबा अपना ग़ज़ल हो के देखा !

|||फ़राज़|||

बेसबब = Without cause or reason. 
क़ीमत = Worth, Cost, Price, Value.
अनमोल = Rare.
सिफ़र = Zero, Naught.
सायबां = Canopy, Shade.
बेग़रज़ = Selfless.
शजर = Tree.
बेशक्ल = Faceless, The divine energy.
बेनज़र= Without sight.
बग़ैर = Without, Blind.
बेजान = Lifeless, Dead.
जायज़ = Lawfull, Legal, Right.
दामन = Hem.
दाग़ = Stigma, Spot.
आज़माइश = Test, Exam.
हौसला = Courage, Spirit, Capacity.
बेफ़िक्र= Careless.
सरफ़राज़ियाँ= Ennoblements, Blessings.
मर्तबा = Place, Class, Degree.