इंसान
से रिश्ता हो जाए,
इंसान फ़रिश्ता हो जाए !
पहला
ही क़दम बस मुश्किल है,
चल
दो तो रास्ता हो जाए !
फ़िर ज़हन की एक नहीं चलती,
जब
दिल वाबस्ता हो जाए !
दिल
हार कभी न माने है,
पामाल, शिकस्ता हो जाए !
हर क़ीमत पर बिक जाता है,
ईमान
जो सस्ता हो जाए !
कब
लौट के वापस आया है,
जो
वक़्त गुज़िश्ता हो जाए !
ये
सोच के उसने छोड़ दिया,
शायद
कभी सस्ता हो जाए !
वो
मिल जाए 'अल्फाज़' अगर,
तो
ग़ज़ल का मक़्ता हो जाए !
||| अल्फ़ाज़ |||
फ़रिश्ता
= An Angel, देवदूत
क़दम
= Step, Footstep
ज़हन
= Mind, मस्तिष्क
वाबस्ता
= Bound Together,
Connected, संबद्ध, संलग्न,
पामाल
= Ruined, Trampled, नष्ट, तबाह
शिकस्ता
= Broken, Defeated, टूटा हुआ, भग्न, खंडित,
क़ीमत
= Price, Cost, मूल्य
गुज़िश्ता
= Past, Elapsed, अतीत, बीता हुआ,
मक़्ता
= The Last Verse Of A Poem, ग़ज़ल का अंतिम छंद