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सोमवार, 18 दिसंबर 2017

सरफ़राज़ियाँ !!!

बहुत ख़ूबसूरत लगी ज़िन्दगी मुझको,
जब दुनिया को बेसबब हो के देखा !
लगा न सका फ़िर कोई क़ीमत मेरी,
अनमोल हुआ जब सिफ़र हो के देखा !

एक सायबां से सीखा बेग़रज़ होना,
जब धूप में मैंने शजर हो के देखा !
देखना था उस बेशक्ल को 'फ़राज़',
सच को मैंने बेनज़र हो के देखा !

जिस्म के बग़ैर परछाईं कैसी दिखती है ,
अपने लोगों से मैंने अलग हो के देखा !
घर की दीवार भी बेजान नहीं होती,
घर को जाना जब बेघर हो के देखा !

तेरी ग़लतियों को ठहराना था जायज़,
आज मैंने भी ज़रा ग़लत हो के देखा !
अपने दामन के दाग़ भी नज़र आये,
ख़ुदको जब ख़ुद से अलग हो के देखा !

कोई आज़माइश हौसले से बड़ी नहीं होती,
हर मुश्किल को मैंने बेफ़िक्र हो के देखा !
आख़िर आ ही गईं सरफ़राज़ियाँ मेरे हिस्से
'फ़राज़' ने मर्तबा अपना ग़ज़ल हो के देखा !

|||फ़राज़|||

बेसबब = Without cause or reason. 
क़ीमत = Worth, Cost, Price, Value.
अनमोल = Rare.
सिफ़र = Zero, Naught.
सायबां = Canopy, Shade.
बेग़रज़ = Selfless.
शजर = Tree.
बेशक्ल = Faceless, The divine energy.
बेनज़र= Without sight.
बग़ैर = Without, Blind.
बेजान = Lifeless, Dead.
जायज़ = Lawfull, Legal, Right.
दामन = Hem.
दाग़ = Stigma, Spot.
आज़माइश = Test, Exam.
हौसला = Courage, Spirit, Capacity.
बेफ़िक्र= Careless.
सरफ़राज़ियाँ= Ennoblements, Blessings.
मर्तबा = Place, Class, Degree.

गुरुवार, 20 जुलाई 2017

बेघर !!!

एक उम्र से भटकता हूँ
मैं ख़ानाबदोशियों में,
एक ज़माने से मैं
बेघर सा रहता हूँ !

कभी दिल दुख जाये 
तो ख़ुद ही बहला लेता हूँ !
अब फ़िक्रें सोने नहीं देतीं
सुबह जल्दी उठ जाता हूँ ! 

ख़ुद ही संवार लेता हूँ
माथे से फ़िक्रों की सिलवटें
कपड़ों को अब ख़ुद ही
खूँटी पर टांग देता हूँ !

अहमियत अपने पैसों की,
कीमत रिश्तों की भी जानता हूँ !
मिल्लतदारियों, दुनियादारियों का
हिसाब अब मैं ख़ुद ही रखता हूँ !

आईने में अक्सर देखता हूँ
मेरे चेहरे सा एक चेहरा,
आइना बताता है अब
बदला-बदला सा दिखता हूँ !

चादर ख़ुद ही ओढ़ लेता हूँ
अब मैं सोने से पहले !
बारिशों में भी अब अक्सर
मैं कम ही भीगता हूँ !

एक एक्स्ट्रा चम्मच खाना
ख़ुद ही निकाल लेता हूँ !
दिल न भी चाहे तो भी
मन मार के खा लेता हूँ !

अपनी भी ज़िम्मेदारियां
कम नहीं होती हैं 'फ़राज़',
अपने घर से बहुत दूर
मैं बरसों से रहता हूँ !

||| फ़राज़ |||