रविवार, 26 मई 2019

इश्क़


तू मुस्कुरा दे तो आराम हो जाए,
कितने सस्ते में मेरा काम हो जाए !

इश्क़ नज़रों की ज़बाँ पढ़ लेता है,
ख़ामोशियों में भी पैग़ाम हो जाए !

फ़िर कौन कम्बख़्त भला शराब पिए,
जो हासिल तेरी आँखों का जाम हो जाए !

तेरा ख़्वाब भी जीने के लिए कम तो नहीं,
तेरी हिचकी भी मेरा ईनाम हो जाए !

हर सज़ा मंज़ूर है इश्क़ में हमको,
काश साबित ये इल्ज़ाम हो जाए !

बर्बाद करना ही है तो इस क़दर कर दो,
कि आशिक़ों में मेरा मक़ाम हो जाए !

दिल्लगी में ही इन दिनों मुनाफ़ा है,
इश्क़ में हर कोई बदनाम हो जाए !

इश्क़ जल जाता है चूल्हा-चक्की में,
कामिल वही है जो नाकाम हो जाए !

'अल्फ़ाज़इस क़दर एहतिराम से लिख,
कि ये ग़ज़ल इश्क का सलाम हो जाए !

||| अल्फ़ाज़ |||

ज़बाँ = Language, Tongue, भाषा
पैग़ाम = Message, संदेश
कम्बख़्त = Unfortunate, अभाग्यशाली
हासिल = Gain, Profit, प्राप्त, उपलब्ध
जाम = Glass Of Wine, Goblet, मदिरापात्र
मंज़ूर = Accept, स्वीकार
साबित = Prove, Fixed, सिद्ध
इल्ज़ाम = Accusation, Allegation, आरोपदोष,
क़दर = Amount, मात्रा
मक़ाम =  Place, Position, स्थानपदवी
दिल्लगी  = Amusement, Merriment
मुनाफ़ा = Profit, लाभ
चूल्हा-चक्की = Household Chores, घरेलु कार्य
कामिल = Complete, Perfect, पूर्ण
नाकाम = Unsuccessful, Fail, असफल
एहतिराम = Respect, Honor, सम्मान
सलाम = Salutation, अभिवादन

गुरुवार, 16 मई 2019

जो इश्क़ करे


है कौन कि जो आबाद हुआ,
जो इश्क़ करेबर्बाद हुआ !

है वस्ल ख़ुशी ऐसी जिसमें,
जो शाद हुआनाशाद हुआ !

जो पार हुआगुमनाम रहा,
जो डूब गयाफ़रहाद हुआ !

हम तेरे जैसे लगते हैं,
तू इतना हमको याद हुआ !

दिल काँच के जैसा
 नाज़ुक था,
जब टूट गयाफ़ौलाद हुआ !

इन्सान थे उतरे दुनिया में,
ये धर्म कहाँ ईजाद हुआ !

जिससे खायी हमने ठोकर
,
वो संग मेरी बुनियाद हुआ !

'अल्फ़ाज़ग़ज़ल का राज़ है ये,
महसूस कियाइरशाद हुआ !

||| अल्फ़ाज़ |||

आबाद = Inhabited, Prosperous, संपन्नखुशहाल
बर्बाद = Ruin, Destroy, नष्ट
वस्ल = Union Or Meeting (Typically Used In The Context Of A Meeting Of Lovers), मिलन,
शाद = Happy, Glad, प्रसन्नआनंदित
नाशाद = Unhappy, Joyless, दुखी
फ़रहाद = Hero Of The Famous Love-Story 'Shirin-Farhad', 
नाज़ुक = Delicate, Gracious, कोमल
फ़ौलाद = Steel, लोहा
धर्म = Religion
ईजाद = Invent
संग = Stone, पत्थर
बुनियाद = Foundation आधार
इरशाद = Means A Command Or An Order Given To Someone


सोमवार, 13 मई 2019

बुधवार, 8 मई 2019

इंसान


इंसान से रिश्ता हो जाए,
इंसान फ़रिश्ता हो जाए !

पहला ही क़दम बस मुश्किल है,
चल दो तो रास्ता हो जाए !

फ़िर ज़हन की एक नहीं चलती,
जब दिल वाबस्ता हो जाए !

दिल हार कभी न माने है,
पामालशिकस्ता हो जाए !

हर क़ीमत पर बिक जाता है,
ईमान जो सस्ता हो जाए !

कब लौट के वापस आया है,
जो वक़्त गुज़िश्ता हो जाए !

ये सोच के उसने छोड़ दिया,
शायद कभी सस्ता हो जाए !

वो मिल जाए 'अल्फाज़अगर,
तो ग़ज़ल का मक़्ता हो जाए !

||| अल्फ़ाज़ |||

फ़रिश्ता = An Angel, देवदूत
क़दम = Step, Footstep 
ज़हन = Mind, मस्तिष्क
वाबस्ता = Bound Together, Connected, संबद्ध, संलग्न
पामाल = Ruined, Trampled, नष्ट, तबाह
शिकस्ता = Broken, Defeated, टूटा हुआ, भग्न, खंडित,
क़ीमत = Price, Cost, मूल्य 
गुज़िश्ता = Past, Elapsed, अतीत, बीता हुआ
मक़्ता = The Last Verse Of A Poem, ग़ज़ल का अंतिम छंद