कुछ काम ज़रूरी याद
आए,
शायद मैं उसको
भूल गया !
कुछ नई किताबें रखी हैं,
और कुछ को फ़िर
से पढ़ना है !
कुछ ग़ज़लें आध-अधूरी हैं,
कुछ नज़्में
पूरी करना है !
कुछ अपनों से भी मिलना है,
कुछ रूठे यार मनाने हैं !
कुछ ग़ैरों से भी मिलना है,
कुछ रिश्ते नए
बनाने हैं !
अपनों के क़र्ज़ चुकाने
हैं,
अपनों के लिए
कमाना है !
कुछ खुद पे
ख़र्चा करना है,
कुछ
अपने लिए बचाना है !
कुछ ख़त भी अभी जलाने हैं,
कुछ तेरे नक़्श मिटाने
हैं !
जिन वादों को
तू भूल गया,
वो हमको अभी
भुलाने हैं !
अब अपने मन से जीना है,
अब अपने मन की
करना है !
'अल्फ़ाज़'
के रंग से दुनिया को,
और अपने मन को
रंगना है !
कुछ काम ज़रूरी याद
आए,
शायद मैं उसको भूल गया !
||| अल्फ़ाज़ |||
ज़रूरी = Important, आवश्यक
आध-अधूरी = Incomplete, अपूर्ण
क़र्ज़ = Debt, Loan, ऋण, उधार
नक़्श = Impression, Mark, चिन्ह