अच्छा हूँ, कुछ बुरा हूँ,
मैं भी तेरी तरह हूँ
!
किस बात का तकब्बुर,
मिट्टी का मैं बना हूँ !
मेरी तड़प क्या जानो !
पिंजरे का परिंदा हूँ !
डर तो है ज़िन्दगी का,
कब मौत से डरा हूँ !
रिश्तों की डोर की मैं,
नाज़ुक सी एक गिरह हूँ !
हर ज़ख़्म का हूँ मरहम,
हर रोग की दवा हूँ !
क्यूँ हो भँवर की परवाह,
मैं खुद का नाख़ुदा हूँ !
टूटा है जब से ये दिल,
मैं ख़ुद का हुक्मराँ हूँ !
पुरवाई का हूँ झौंका,
मौसम मैं इक नया हूँ !
ऊपर को ही उठूँगा,
'अल्फ़ाज़' मैं धुआँ हूँ !
||| अल्फ़ाज़ |||
तकब्बुर= Pride,
Arrogance, Haughtiness
परिंदा= Bird
नाज़ुक= Delicate,
Thin
गिरह= A
Knot, A Joint,
मरहम= Remedy,
Ointment
भँवर= Whirlpool Vortex
परवाह= Care, Concern
नाख़ुदा= Boatman,
Sailor, The Master/Commander Of A Ship